मध्यप्रदेश में आदिवासी नायकों का सम्मान

सीएम डॉ. यादव ने जनजातीय नायकों को किया नमन, कहा- इन पर बनाएं फिल्में, सरकार करेगी सहयोग

मध्यप्रदेश में आदिवासी नायकों की विरासत को संजोते हुए, सरकार ने राजा शंकर शाह और रानी दुर्गावती जैसे महापुरुषों के नाम पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की है।

By : दिव्या मिस्त्री
सीएम डॉ. यादव ने जनजातीय नायकों को किया नमन, कहा- इन पर बनाएं फिल्में, सरकार करेगी सहयोग

भोपाल/जबलपुर। 'बड़े दुर्भाग्य की बात है हमारे विरोधी सदैव समाज के वोट तो पाते रहे, लेकिन लगातार झूठ बोलते रहे। उन्हें आदिवासी जननायकों को पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं बनने दिया। कांग्रेस और उनकी सरकार लंबे समय तक रही, लेकिन इस समाज से कोई राष्ट्रपति नहीं बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी बहन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को देश का प्रेसिडेंट बनाया। यह हमारी सरकार के काम करने का तरीका है। छत्तीसगढ़ में जनजातीय नेता विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री हैं। हमारी सरकार रानी दुर्गावती लोक का निर्माण करेगी। निमाड़ के जनजातीय नायक क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। बुंदेलखंड के सागर में भी रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। प्रदेश के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है। सरकार जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्म तैयार करने सहित सभी योजना में पूरा सहयोग करेगी।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 सितंबर को जबलपुर में कही। सीएम डॉ. यादव जबलपुर में आयोजित जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जनजातीय महानायक राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हमारे लिए आज का दिन बेहद पवित्र है। यह दिन उस दौर से संबंधित है, जब अंग्रेजों का शासनकाल था। उस समय कहा जाता था कि अंग्रेजों के राज्य में सूर्यास्त नहीं होता। अंग्रेज इतने बड़े भूभाग में सरकार चलाते थे। हमें गर्व है आदिवासी नायक राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह ने उन्हें देश की शक्ति से परिचित कराया। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि 1857 के पहले समर में बलिदान से पहले आदिवासी नायक राजा शंकर शाह ने गीतों-कविताओं के माध्यम से आजादी की अलख जगाई। वे देश और धर्म को साथ लेकर चले। उन्होंने तलवार का काम कलम से करके दिखाया। 

गीतों ने जनता में किया नए जीवन का संचार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनता के दमन के खिलाफ स्वभाषा-स्वधर्म-रचनात्मकता-साहित्य साधन करते-करते राजा शंकर शाह भगवान के रूप में स्थापित हो गए। जनता के बीच उनके गीतों ने नए जीवन का संचार किया। उन्होंने कहा कि राजा शंकर शाह के बेटे रघुनाथ शाह ने भी बढ़-चढ़कर पिता के अभियान को जारी रखा। उनकी गतिविधियों से अंग्रेजों की चूलें हिल गईं, अंग्रेज डर के मारे कांपने लगे। तब अंग्रेजों ने उनको पकड़ा और बंदी बनाकर रखा। अंग्रेजों ने उन्हें छोड़ने के लिए पहली शर्त रखी कि वे उनके पराधीन हो जाएं, पेंशन लेकर राज समर्पित कर दें। दूसरी शर्त में कहा गया कि उन्हें अपना धर्म छोड़ना होगा। अंग्रेजों की शर्त सुनकर राज शंकर शाह-रघुनाथ शाह ने कहा कि तुम लोगों ने हमें बहुत छोटा समझा है। 

जननायकों ने दिखाई संकल्प शक्ति

सीएम डॉ. यादव ने बताया कि उस वक्त राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों से कहा कि परमात्मा ने जन्म एक बार दिया है, हम सब मौत की तरफ जा रहे हैं।  हम मौत का हंसकर वरण करना जानते हैं। हमें तुम्हारी दया पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। मां नर्मदा की कृपा से हम उसी धर्म में शरीर छोड़ना चाहेंगे, जिसमें पैदा हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह ने संकल्प शक्ति दिखाई और हम सभी को गौरवांवित किया। आदिवासी नायकों ने बताया कि हमारे धर्म में चोटी का महत्व है, हमारे देवताओं का महत्व है, हमारी संस्कृति का महत्व है। हम रानी दुर्गावती के वंशज हैं। हम सनातन संस्कृति पर गर्व करने वाले लोग हैं। 

अंग्रेजों ने किया अन्याय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अंग्रेज इस तरह खुद को पेश करते थे कि बहुत न्याय करके कोर्ट से फैसला करते हैं। लेकिन, उन्होंने इस मामले में अन्याय किया। उन्होंने घबराकर हमारे जननायक राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह को तोप के मुंह के सामने खड़ा कर दिया। अंग्रेजों ने उस वक्त लोगों को भी वहां खड़ा किया और बताया कि जो इन लोगों का साथ देगा, उसका यही हाल होगा। हमें इस बात पर गर्व है कि डराने वाले मिट गए और हमारे जननायक अमर हो गए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि बच्चा-बच्चा इस कहानी के गीत गाता है। जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु होगी ही। लेकिन, शरीर मरता है, विचार नहीं मरता। आज हमारे गोंडवाना के उन शहीदों ने जो करके दिखाया, उसका परिणाम है कि आजादी मिली और एक भी अंग्रेज यहां नहीं बचा। उन्होंने कहा कि केवल भारत ही नहीं, पूरी दुनिया से अंग्रेजों का राज मिट गया। 

पीएम मोदी ने सिकल सेल को लेकर किया अभूतपूर्व काम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिकल सेल में अभूतपूर्व काम किया गया। मध्यप्रदेश के साथ-साथ गुजरात और राजस्थान में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज रहता है। उन्हें सिकल सेल से बचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अभियान चलाया। उनके साथ-साथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी इस दिशा में पूरा ध्यान दिया। सरकार के स्तर पर भी हमने राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती जैसे महापुरुषों को पाठ्यक्रम में शामिल किया, ताकि भविष्य में पीढ़ियां इनके बारे में जानें, इनको समझें।

संबंधित सामग्री

आईटी पार्क रोजगार सृजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

आईटी पार्क रोजगार सृजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आईटी पार्क के निर्माण की घोषणा की, जिससे युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिलेंगे।

नीमच में शीघ्र शुरू होगा एयरपोर्ट, सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम का होगा निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नीमच में शीघ्र शुरू होगा एयरपोर्ट, सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम का होगा निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच में एयरपोर्ट और स्टेडियम बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही प्रदेश में विकास और नौकरियों में वृद्धि की जानकारी दी गई।

पढ़ाई के साथ युवाओं को रोज़गार भी दिला रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पढ़ाई के साथ युवाओं को रोज़गार भी दिला रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के लिए नए रोज़गार अवसर सृजित करने की नई योजनाएँ प्रस्तुत कीं, जिनमें आईटी पार्क्स और शैक्षिक संस्थान शामिल हैं।

इटारसी में कुशीनगर एक्सप्रेस के इंजन से उठा धुआं, आउटर पर रोकी ट्रेन; यात्रियों में मची अफरा-तफरी

इटारसी में कुशीनगर एक्सप्रेस के इंजन से उठा धुआं, आउटर पर रोकी ट्रेन; यात्रियों में मची अफरा-तफरी

मध्य प्रदेश के इटारसी में कुशीनगर एक्सप्रेस के इंजन से धुआं उठने पर ट्रेन रोकी गई। लोको पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टला।

MP में 85 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी, प्रमोशन के बाद खाली पद भी भरेगी सरकार

MP में 85 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी, प्रमोशन के बाद खाली पद भी भरेगी सरकार

मध्यप्रदेश सरकार ने 85 हजार सरकारी पदों पर भर्ती की योजना बनाई है, जिसमें ESB और MPPSC शामिल हैं। आंगनबाड़ी पदों सहित कुल भर्ती एक लाख के करीब होगी।

Advertisement

मुख्य मंत्री सुगम परिवहन सेवा MP Add  on 09 Sep 2026 To 26 Sep 2026

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर