रतलाम पब्लिक स्कूल’ पर लगा प्रतिबंध:अब कोई भी भर्ती या प्रवेश परीक्षा नहीं होगी

ratlam-public-school-case

रतलाम पब्लिक स्कूल’ पर लगा प्रतिबंध:अब कोई भी भर्ती या प्रवेश परीक्षा नहीं होगी

रतलाम पब्लिक स्कूल’ पर लगा प्रतिबंधअब कोई भी भर्ती या प्रवेश परीक्षा नहीं होगी

Ratlam public school: आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने ‘रतलाम पब्लिक स्कूल’ पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस स्कूल में अब आगे कोई भी भर्ती या प्रवेश परीक्षा नहीं होगी।

[caption id="attachment_138655" align="alignnone" width="1200"]रतलाम पब्लिक स्कूल पर लगा प्रतिबंध रतलाम पब्लिक स्कूल पर लगा प्रतिबंध[/caption]

विवादित कंपनी के पास थी परीक्षा की जिम्मेदारी

Ratlam public school:रतलाम पब्लिक स्कूल’ सेंटर में 12 अभ्यर्थियों पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। मुंबई की विवादित कंपनी ‘एप्टेक लिमिटेड’ के पास परीक्षा करवाने की जिम्मेदारी थी। एप्टेक कंपनी पहले भी विवादों में रही है। यह कंपनी उत्तर प्रदेश और असम में ब्लैकलिस्टेड है इतना ही नहीं जम्मू कश्मीर, लद्दाख में इस कंपनी के खिलाफ मामला भी दर्ज है। पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग में केस दर्ज है।

ये है पूरा मामला

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-2024 में गड़बड़ी का खुलासा करते हुए 12 अभ्यर्थियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। बताया गया यह इस परीक्षा के लिए पहली बार केंद्र बनाया गया था। जांच में सामने आया कि इन अभ्यर्थियों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा में असामान्य रूप से तेज गति दिखाई। 2 घंटे की परीक्षा में किसी ने 15 तो किसी ने 30 मिनट में ही 100 प्रश्न हल कर दिए और शेष समय बिना किसी गतिविधि के बैठे रहे।

Ratlam public school: जांच में यह भी आया सामने

मंडल ने 5 फरवरी को परिणाम जारी करने से पहले उच्च परसेंट हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के डेटा की जांच की। जिसमें पाया गया कि सभी 12 अभ्यर्थी पहले पुलिस भर्ती और अन्य परीक्षाओं में शामिल हो चुके थे।इस परीक्षा में अचानक 90 से ज्यादा अंक प्राप्त कर 100 पर्सेंटाइल हासिल कर लिया।

अलग-अलग तारीख और शिफ्ट में परीक्षा लेकिन एग्जाम सेंटर एक

स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और परीक्षा लॉग डेटा की जांच में यह भी सामने आया कि इन अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति की मदद मिली थी। इस मामले की खास बात यह है कि ये सभी अभ्यर्थी अलग-अलग तारीखों और शिफ्ट में परीक्षा देने पहुंचे थे, लेकिन उनका एग्जाम सेंटर एक ही था। मदद करने वाला भी एक ही व्यक्ति बताया जा रहा है।

संबंधित सामग्री


सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा, स्कूलों में पढ़ाई जाएगी महाराणा प्रताप की जीवनी

राज्य

सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा, स्कूलों में पढ़ाई जाएगी महाराणा प्रताप की जीवनी

 महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर हुआ राज्यस्तरीय समारोह, सीएम डॉ. मोहन बोले- भोपाल में 'वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक' का लोकार्पण जल्द। महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक

राष्ट्रपति मुर्मु 5 दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर इंदौर, बैतूल, ओंकारेश्वर, जबलपुर, ग्वालियर एवं श्योपुर में विभिन्न कार्य

राज्य

राष्ट्रपति मुर्मु 5 दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर इंदौर, बैतूल, ओंकारेश्वर, जबलपुर, ग्वालियर एवं श्योपुर में विभिन्न कार्य

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 जून से 22 जून तक मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों का दौरा करेंगी, जिसमें वे कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी।

बेंगलुरु: इंस्टाग्राम पर शुरू हुई प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत, लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोप में युवक गिरफ्तार

जुर्म गाथा

बेंगलुरु: इंस्टाग्राम पर शुरू हुई प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत, लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोप में युवक गिरफ्तार

बेंगलुरु में एक युवती की उसके लिव-इन पार्टनर ने हत्या कर दी, जिससे प्रेम कहानी का अंत हिंसा में हुआ। दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया पर हुई थी।

मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, मध्य प्रदेश में 29 IAS अधिकारियों का तबादला, भोपाल और रीवा के कमिश्नर बदले

राज्य

मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, मध्य प्रदेश में 29 IAS अधिकारियों का तबादला, भोपाल और रीवा के कमिश्नर बदले

मध्य प्रदेश सरकार ने अपर सचिव, उप सचिव स्तर के कई अधिकारियों के स्थानांतरण और नई पदस्थापनाएं की हैं, जिससे विभागीय कार्यों में तेजी और समन्वय बढ़ने की उम्मीद है।

अमित शाह से मुलाकात में CM सुक्खू ने साधा हिमाचल का हित, किशाऊ बांध परियोजना पर टूटा 8 साल पुराना गतिरोध

राज्य

अमित शाह से मुलाकात में CM सुक्खू ने साधा हिमाचल का हित, किशाऊ बांध परियोजना पर टूटा 8 साल पुराना गतिरोध

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री की बैठक से किशाऊ बांध परियोजना के वित्तीय गतिरोध समाप्त हुए और इससे हिमाचल को बड़ी वित्तीय राहत मिली।