uttar pradesh development: 75 साल का सफर,योगी राज में बीमारू से बेमिसाल बना उत्तरप्रदेश

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uttar pradesh development: 75 साल का सफर,योगी राज में बीमारू से बेमिसाल बना उत्तरप्रदेश

uttar pradesh development 75 साल का सफरयोगी राज में बीमारू से बेमिसाल बना उत्तरप्रदेश

uttar pradesh development: उत्तरप्रदेश आज अपने 75वें स्थापना दिवस पर सिर्फ इतिहास नहीं याद कर रहा, बल्कि भविष्य के लिए नए कीर्तिमान भी स्थापित कर रहा है। एक राज्य जिसने हमेशा से संस्कृति, धर्म और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ आर्थिक और औद्योगिक विकास में भी छलांग लगाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

uttar pradesh development: विकास की चार इंजन 

उत्तरप्रदेश की अर्थव्यवस्था अब चार प्रमुख इंजन पर दौड़ रही है निजी निवेश, सार्वजनिक खर्च, आंतरिक खपत और बाह्य निर्यात। इन चारों इंजन ने मिलकर राज्य को भारत की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मदद की है। सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 'इंडस्ट्री रिफार्म एक्शन प्लान' लागू किया और निवेश मित्र पोर्टल पर 227 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कर उद्यमियों की मदद की। वहीं, 'एक जिला, एक उत्पाद' नीति से स्थानीय रोजगार में इजाफा हुआ और निर्यात में भी वृद्धि देखी गई। पिछले साल आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जो यह दर्शाता है कि उत्तरप्रदेश में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

uttar pradesh development: बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी

उत्तरप्रदेश में अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और मेट्रो परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे: लखनऊ से गाजीपुर तक, जिससे पूर्वांचल को व्यापारिक और आर्थिक लाभ मिलेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे: अंतिम चरण में, जिससे न केवल परिवहन सुविधा बेहतर होगी बल्कि औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्र भी बढ़ेंगे। इंटरनेशनल एयरपोर्ट: कुशीनगर और जेवर हवाई अड्डों के निर्माण से प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत हुई। मेट्रो परियोजनाएँ: लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद में बढ़ती भीड़ के लिए मेट्रो विस्तार योजनाएँ तैयार हैं। बुंदेलखंड में रक्षा औद्योगिक गलियारा भी विकसित किया जा रहा है, जिसमें छह शहर लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट शामिल हैं। इससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने में मदद मिलेगी।

उद्योग और रोजगार

उत्तरप्रदेश में MSME सेक्टर का विकास तेज़ी से हो रहा है। लगभग 90 लाख इकाइयाँ अब तक सक्रिय हैं, जो डेढ़ करोड़ लोगों को रोजगार देती हैं। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 2016-17 में 12.75 लाख करोड़ रुपए था, जो अब 25 लाख करोड़ रुपए (2024-25) और अनुमानित 30.8 लाख करोड़ रुपए (2025-26) तक पहुंचने वाला है। पांच साल में निवेश में 80% से अधिक की वृद्धि और 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश राज्य में आया है। यह आंकड़ा दिखाता है कि यूपी अब निवेश के लिहाज से देश के शीर्ष राज्यों में शुमार है।

संस्कृति और धार्मिक पर्यटन

उत्तरप्रदेश केवल आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में भी आगे है। अयोध्या: भगवान श्रीराम की नगरी को भव्यता प्रदान करना। मथुरा और वृंदावन: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना। काशी और प्रयागराज: महादेव और संगम नगरी की परंपरा को संरक्षित करना। विशेष रूप से महाकुंभ प्रयागराज में राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा। 144 वर्षों के बाद आयोजित यह महाकुंभ लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ।  

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