ईरान जंग के लंबा खिंचने और जल्द समाधान की उम्मीद कमजोर पड़ने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की है। उन्होंने खुद भी अपने काफिले में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या कम कर दी। इसके बाद देशभर में तेल का उपयोग घटाने को लेकर पहल तेज हो गई है। इसी कड़ी में CM योगी आदित्यनाथ भी लगातार बैठकों के जरिए ईंधन बचत के उपायों पर जोर दे रहे हैं।
वर्क फ्रॉम होम की सलाह
मुख्यमंत्री योगी ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें मंत्रियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी कंपनियों के लिए कई सुझाव दिए गए। बैठक में कंपनियों से अपील की गई कि वे हफ्ते में कम से कम 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था अपनाएं, ताकि ईंधन की खपत हो। मुख्यमंत्री योगी ने मंत्रियों और अधिकारियों से अपनी वाहन फ्लीट में 50% की कटौती करने और सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने को कहा है। ऊर्जा संरक्षण के लिए उन्होंने 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों को सप्ताह में 2 दिन 'वर्क फ्रॉम होम' व्यवस्था अनिवार्य करने पर बल दिया। साथ ही, सचिवालय में AC का टेम्परेचर 24-26 डिग्री रखने के निर्देश दिए हैं।
आयात पर निर्भरता कम
मुख्यमंत्री योगी ने स्वास्थ्य और आर्थिक बचत के संगम के रूप में खाद्य तेल के उपयोग में कमी लाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्वास्थ्य में सुधार होगा बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम हो जाएगी।स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और ODOP सामग्री को उपहार के रूप में उपयोग करने की सलाह देते हुए उन्होंने 'स्वदेशी' को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।