रुद्राभिषेक का महत्व

सावन में रुद्राभिषेक करना है? तो जान लें इस पूजा में क्या-क्या सामग्री लगेगी  

रुद्राभिषेक, शिवलिंग पर रुद्रमंत्रों के द्वारा अभिषेक करने की विधि, सावन के महीने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

By : सोनिया रायकवार
सावन में रुद्राभिषेक करना है? तो जान लें इस पूजा में क्या-क्या सामग्री लगेगी  

रुद्राभिषेक अर्थात रूद्र का अभिषेक करना यानि शिवलिंग पर रुद्रमंत्रों के द्वारा अभिषेक करने की विधि ही रुद्राभिषेक कहलाती है। शास्त्रों में रुद्राभिषेक करना शिव आराधना का सर्वश्रेष्ठ तरीका माना गया है। खासतौर से सावन के महीने में तो शिव भक्त जरूर ही इस पवित्र अनुष्ठान को संपन्न करते हैं। रुद्राभिषेक मंत्रों का वर्णन ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद में भी किया गया है। वेदों में वर्णित हैं कि शिव जी को अभिषेक अति प्रिय है। कहते हैं जो भक्त सावन में सच्चे मन से रुद्राभिषेक कराता है उसके सारे मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। तो चलिए जानते हैं रुद्राभिषेक पूजन में क्या-क्या सामग्री की जरूर पड़ती हैं।

रुद्राभिषेक पूजन की सामग्री लिस्ट

शिवलिंग (यदि घर पर अभिषेक कर रहे हों)
जल / गंगाजल
कच्चा दूध
दही
देसी घी
शहद
शक्कर 
फलों का रस (गन्ने का रस, मोसम्बी या नारियल पानी)
भस्म
चंदन (सफेद या लाल)
अक्षत (साबुत बिना टूटे हुए चावल)
अबीर, गुलाल, कुमकुम और हल्दी
बेलपत्र (कम से कम 11 या 21)
शमी के पत्ते
धतूरा और आंक (मदार) के फूल
भांग
ताजे फूल और माला (कनेर, आंकड़े, या हरसिंगार के फूल)
जनेऊ (यज्ञोपवीत) (1 या 2 जोड़े)
मौली (कलावा / लाल धागा)
रोली
सुपारी
पान के पत्ते और लौंग-इलायची
धूपबत्ती और अगरबत्ती
दीपक और गाय का शुद्ध घी (आरती व अखंड जोत के लिए)
रूई की बत्तियां
माचिस

श्रृंगी (शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए)
कपूर
इत्र 
भोग के लिए मौसमी फल, मिठाई, पेड़ा, या पंचमेवा
नारियल (पानी वाला नारियल)
तांबे का लोटा / पंचपात्र और आचमनी
बड़ा प्रात या थाल (शिवलिंग को स्थापित कर अभिषेक का जल एकत्रित करने के लिए)
साफ कपड़ा (शिवलिंग को पोंछने के लिए)
दक्षिणा (पंडित जी के लिए)
श्रृंगार सामग्री (माता को अर्पित करने के लिए)
कुशा
चौकी रुद्राभिषेक के लिए
धोती और गमछा भगवान शिव के लिए

रुद्राभिषेक कितने प्रकार से किया जा सकता है? 

जल से अभिषेक
दही से अभिषेक
दूध से अभिषेक
शहद से अभिषेक
गंगाजल से अभिषेक
शक्कर से अभिषेक
भांग से अभिषेक
भस्म से अभिषेक
पंचामृत से अभिषेक
घी से अभिषेक
गन्ने के रस से अभिषेक

रुद्राभिषेक कब करना चाहिए?

सावन में रुद्राभिषेक के लिए सोमवार, प्रदोष व्रत, शिवरात्रि और नाग पंचमी का दिन सबसे शुभ माना जाता है। अगर इन दिनों में आप किसी कारण रुद्राभिषेक नहीं करवा सकते हैं तो आप अपनी श्रद्धानुसार किसी भी दिन ये पवित्र अनुष्ठान करा सकते हैं।

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