शेख हसीना का भावुक संबोधन

हसीना बोलीं- किसी भी हाल में घर लौटूंगी, 2 साल बाद दिया भावुक वर्चुअल संबोधन

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 2 साल बाद एक भावुक वर्चुअल संबोधन में अपने उपर चल रहे मुकदमों और देश की हालत पर बात की।

हसीना बोलीं- किसी भी हाल में घर लौटूंगी, 2 साल बाद दिया भावुक वर्चुअल संबोधन

शेख हसीना का भावुक संबोधन

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 2 साल बाद लोगों को संबोधित किया। यह एक वर्चुअल संबोधन था। भाषण के दौरान उनका कैमरा बंद था। इस दौरान वह कई बार भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, मौत की सजा, झूठे मुकदमे और दिखावटी सुनवाई मुझे नहीं डरा सकती। मेरे खिलाफ चल रही कार्रवाई गैरकानूनी, असंवैधानिक और राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।

‘देश को टूटते हुए देख रही’

शेख हसीना ने यह भी कहा कि वह 2 साल से देश को टूटते हुए देख रही हैं। उन्हें देश से दूर जाने पर मजबूर किया गया, लेकिन वह कभी अपने लोगों से अलग नहीं हुईं। शेख हसीना ने 25 मिनट तक भाषण दिया। हसीना ने कहा कि उन्होंने पिछले 2 सालों से बांग्लादेश को तकलीफ में देखा। घरों और काम की जगहों पर डर है। यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे उन्होंने बनाया था और ये वो बांग्लादेश भी नहीं है जिसके लिए 1971 में लाखों लोगों ने अपनी जान की कुर्बानी दी।

गांव जाना चाहती थी हसीना

हसीना ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से बांग्लादेश नहीं छोड़ा। प्रदर्शनकारियों के PM आवास की ओर बढ़ने पर उनके पास वहां से निकलने के लिए सिर्फ 30 से 40 मिनट का वक्त था। उन्होंने कहा, "मुझे यह भी नहीं पता था कि मैं बांग्लादेश छोड़कर जा रही हूं।" हसीना ने दावा किया कि वह अपने पैतृक गांव तुंगीपाड़ा जाने की तैयारी में थी, लेकिन हालात ऐसे बने कि उन्हें देश छोड़ना पड़ा।

पुलिस ने निभाई जिम्मेदारी

शेख हसीना ने दावा किया कि जुलाई 2024 के आंदोलन के दौरान 450 से ज्यादा पुलिस थानों में आग लगा दी गई थी। सरकारी इमारतों पर हमले हुए, इनमें कई पुलिसकर्मी मारे गए और कुछ को जिंदा जला दिया गया। शेख हसीना ने सवाल उठाया, "क्या ऐसे हालात में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी नहीं थी?" उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसी कार्रवाई को उनके खिलाफ इस्तेमाल किया गया।

मैं घर वापस जाऊंगी

हसीना ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पहले भी कई बार उन्हें रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन उनके विरोधी कामयाब नहीं हो पाए और वह घर लौटने में सफल रहीं। शेख हसीना ने कहा, “मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार भी सकते हैं, फिर भी मैं घर वापस जाऊंगी। लोगों का समर्थन मेरे लिए जरूरी है।”

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