जम्मू-कश्मीर का गुलमर्ग रोपवे अचानक खराब हो गया जिससे बीच हवा में करीब 300 पर्यटक फंस गए। रोपवे की केबिन अचानक रुकने से अफरा-तफरी मच गई और पर्यटक चीखने-चिल्लाने लगे। फौरन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें सेना, पुलिस और प्रशासन की टीमें शामिल हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही श्रीनगर से रेस्क्यू टीमें मौके पर भेजी गई हैं। रोपवे पर 62 केबिनों (ट्रॉली) में से अब तक 11 को खाली करा लिया गया है। श्रीनगर और गुलमर्ग गोंडोला की दूरी 51 km है। सेना के साथ SDRF-NDRF टीमें भी मौके पर मौजूद हैं, और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बता दे यह जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग को अफरवात पीक से जोड़ता है। इसमें कुल 108 केबिन हैं। एक बार में एक केबल कार में 6 लोग बैठ सकते हैं.

सरकार नजर बनाए हुए
घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा- सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। सभी केबिन कार और उसमें फंसे पर्यटक सुरक्षित हैं। लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रशिक्षित टीमें ऑपरेशन चला रही हैं। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा- केबल कार के केबिनों में फंसे पर्यटकों के रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर रख रहा हूं। मैंने DGP को घटनास्थल पर जाने का आदेश दिया है। पुलिस, सेना, SDRF, DC और SSP की जॉइंट टीम मौके पर मौजूद है।