French Open 2026: फ्रेंच ओपन 2026 अब अपने आखिरी मुकाबले की ओर बढ़ रहा है। महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में पोलैंड की 24 वर्षीय माया ख्वालिंस्का ने सेमीफाइनल में 25वीं वरीयता प्राप्त डायना श्नाइडर को हराकर फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है।

शनिवार को खिताबी मुकाबले में माया ख्वालिंस्का का सामना रूस की युवा खिलाड़ी मीरा एंड्रीवा से होगा। यह दोनों के लिए ही यादगार फाइनल होने वाला है।

सेमीफाइनल में शानदार जीत
माया ख्वालिंस्का ने सेमीफाइनल में 25वीं वरीयता प्राप्त डायना श्नाइडर को 7-6 (4), 6-4 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ वे फ्रेंच ओपन के इतिहास में फाइनल पहुंचने वाली पहली क्वालिफायर बन गई हैं। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने क्वालिफाइंग राउंड से लेकर अब तक लगातार 9 मैच जीते हैं और सिर्फ एक सेट गंवाया है।
दूसरे सेमीफाइनल में मीरा एंड्रीवा ने मार्ता कोस्ट्युक को 6-1, 6-3 से आसानी से हराया। यह एंड्रीवा का करियर का पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल होगा। मैच जीतने के बाद माया ख्वालिंस्का भावुक हो गईं। वे कोर्ट पर बैठ गईं और अपनी कुर्सी पर जाकर तौलिए में मुंह छिपाकर रोने लगीं।
माया ने कहा,
'यह ईमानदारी से एक सपने जैसा है। मुझे नहीं पता कि क्या हो रहा है और मैं क्या कहूं। कोई यह दिखावा न करे कि उसे इसकी उम्मीद थी। मैं टॉप-100 रैंकिंग से भी बाहर थी और अब ग्रैंड स्लैम के फाइनल में हूं। मेरे लिए इसे समझना और स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है।'
रादुकानु के बाद दूसरी क्वालिफायर
माया से पहले सिर्फ ब्रिटेन की एमा रादुकानु ही क्वालिफायर के रूप में ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंची थीं। रादुकानु ने 2021 के US ओपन में क्वालिफायर से शुरू करके खिताब तक जीता था।
10 साल के करियर में सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम जीत
माया पिछले 10 साल से प्रोफेशनल टेनिस खेल रही हैं, लेकिन उनका करियर अब तक संघर्ष भरा रहा। उनकी मौजूदा रैंकिंग 114 है और यह उनकी करियर बेस्ट रैंकिंग (113) के करीब है। फ्रेंच ओपन 2026 से पहले उन्होंने 2022 विंबलडन ग्रैंड स्लैम मुख्य ड्रॉ में सिर्फ एक मैच जीता था।
होटल बिल चुकाने के लिए थी परेशान
टूर्नामेंट के दौरान माया इतनी दूर तक पहुंच जाएंगी। उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थीं। लेकिन जैसे - जैसे वो आग बढ़ रहीं थी। पेरिस में होटल खर्च बढ़ने लगा तो वे परेशान हो गई थीं। फिर उन्हें इस बात की चिंता थी, कि वो होटल का बिल कैसे चुकाएंगी।
पोलैंड की ड्रिंक्स कंपनी ‘ओशी’ ने उनकी मदद की।अब फाइनल में पहुंचने से उनकी किस्मत पलट गई है। विजेता या उपविजेता बनने पर उन्हें कम से कम 16,26,744 डॉलर (करीब 13.5 करोड़ रुपये) की प्राइज मनी मिलेगी। यह राशि उनके पूरे 10 साल के करियर की कुल कमाई (8,64,030 डॉलर) से लगभग दोगुनी है।