Randhir Singh Passes Away: 79 साल की उम्र में दिग्गज निशानेबाज रणधीर सिंह का हुआ निधन

Randhir Singh Passes Away

Randhir Singh Passes Away: 79 साल की उम्र में दिग्गज निशानेबाज रणधीर सिंह का हुआ निधन

Randhir Singh, a prominent Indian shooter and sports administrator, passed away at 79 after battling age-related illnesses. He won India's first shooting gold at the 1978 Asian Games.

randhir singh passes away 79 साल की उम्र में दिग्गज निशानेबाज रणधीर सिंह का हुआ निधन

Randhir Singh Passes Away: 79 साल की उम्र में दिग्गज निशानेबाद रणधीर सिंह का हुआ निधन |

Randhir Singh Passes Away: भारत के दिग्गज निशानेबाज और अनुभवी खेल प्रशासक रणधीर सिंह का बुधवार को निधन हो गया। वह 79 साल के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

NRIA ने की निधन की पुष्टि 

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के सचिव राजीव भाटिया ने उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि- 'खेल जगत ने एक महान खिलाड़ी और प्रशासक को खो दिया है।'

एशियन गेम्स में दिलाया था पहला शूटिंग गोल्ड

रणधीर सिंह भारतीय शूटिंग इतिहास के बड़े नामों में शामिल थे। उन्होंने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स में ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वह एशियन गेम्स में शूटिंग में भारत को गोल्ड दिलाने वाले पहले खिलाड़ी बने थे।

इतना ही नहीं उन्होंने अपने शानदार करियर में 5 ओलिंपिक खेलों और एक कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वह ट्रैप और स्कीट शूटिंग के विशेषज्ञ माने जाते थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया।

अर्जुन अवॉर्ड से हुए सम्मानित

उनकी उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 1979 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया था। यह देश के प्रतिष्ठित खेल सम्मानों में से एक है। 

OCA अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा

रणधीर सिंह हाल ही में ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष पद पर कार्यरत थे। हालांकि स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें 2024 में चार साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था।

खेल प्रशासन में भी निभाई अहम भूमिका

रणधीर सिंह केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि सफल खेल प्रशासक भी रहे।

1991 से 2015 तक OCA के महासचिव रहे।

2001 से 2014 तक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के सदस्य रहे।

2014 के बाद IOC के मानद सदस्य बने।

1987 से 2012 तक भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) के महासचिव रहे।

दिल्ली में 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन को भारत दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। वह आयोजन समिति के उपाध्यक्ष भी थे।

बेटी राजेश्वरी भी इंटरनेशनल शूटर

रणधीर सिंह अपने पीछे पत्नी विनीता और तीन बेटियां महिमा, सुनैना और राजेश्वरी को छोड़ गए हैं। उनकी बेटी राजेश्वरी सिंह अंतरराष्ट्रीय ट्रैप शूटर हैं और उन्होंने 2022 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था।ई


 

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