NDPS Court verdict Ganja Possession: रायपुर की विशेष विशेष NDPS कोर्ट ने भारी मात्रा में गांजा रखने के मामले में आरोपी अंकित जाटव को दोषी करार देते हुए 10 साल के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर आरोपी को एक साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना पड़ेगा।
कोर्ट का फैसला
विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि- 'आरोपी के कब्जे से बरामद 10 किलो 230 ग्राम गांजा की जब्ती, सैंपलिंग, FSL जांच और पुलिस कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्यों से प्रमाणित हुई है। न्यायाधीश ने आगे कहा कि मादक पदार्थों से जुड़े ऐसे अपराध केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और देश को प्रभावित करते हैं। इसलिए कठोर दंड देना आवश्यक है।'
मुखबिर की सूचना
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 29 जनवरी 2025 को गंज थाना पुलिस को मुखबिर की सूचना मिली थी कि, नमस्ते चौक के पास एक युवक गांजा लेकर बिक्री के लिए खड़ा है।
पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपी अंकित जाटव को पकड़ा। उसके बैग की तलाशी लेने पर दो पैकेटों में कुल 10 किलो 230 ग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके पर ही वजन, जब्ती और सीलिंग की कार्रवाई पूरी की गई। बाद में नमूनों की FSL जांच में पदार्थ गांजा होने की पुष्टि हुई।
बचाव पक्ष की दलील और कोर्ट का फैसला
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत से रियायत की मांग की। अधिवक्ता ने कहा कि - 'आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में है, इसलिए न्यूनतम सजा दी जाए। वहीं विशेष लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के कारण कड़ी सजा जरूरी है।'
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि- 'आरोपी ने NDPS एक्ट का उल्लंघन किया है। बरामद गांजा की मात्रा और मामले की गंभीरता को देखते हुए साधारण सजा न्याय के उद्देश्य को पूरा नहीं करेगी। समाज पर पड़ने वाले गंभीर असर को ध्यान में रखते हुए कठोर दंड दिया गया है।यह फैसला मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।'