पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को बठिंडा में आयोजित एक राज्य स्तरीय समारोह में विभिन्न विभागों के 658 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार बनने के बाद अब तक राज्य में 68,288 से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी और मेरिट के आधार पर दी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरी आम युवाओं के लिए एक सपना बनकर रह गई थी, लेकिन उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया है।
पारदर्शिता को सर्वोच्च महत्व दिया जा रहा
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना रही है। उन्होंने कहा कि पहले सिफारिश और पैसे के दम पर नौकरियां मिलती थीं, जबकि योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पाता था। अब भर्ती प्रक्रिया में योग्यता और पारदर्शिता को सर्वोच्च महत्व दिया जा रहा है।
भर्ती परीक्षा का पेपर अब तक लीक नहीं हुआ
इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने देश में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं भी विवादों में घिर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में लगभग 93 परीक्षा पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की निगरानी में आयोजित किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर अब तक लीक नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि पहले नौकरियों के लिए युवाओं से लाखों रुपये तक लिए जाते थे। इससे व्यवस्था में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता था। उनकी सरकार ने इस संस्कृति को समाप्त कर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह साफ और जवाबदेह बनाया है।
समाज व देश के विकास में योगदान दे सके
भगवंत मान ने कहा कि शिक्षा गरीबी को खत्म करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सके और समाज व देश के विकास में योगदान दे सके।