भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एलएनसीटी (LNCT) ग्रुप से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों और अन्य परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। यह कार्रवाई 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग से जुड़े मामले में की जा रही है। ईडी की टीम विभिन्न दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच में जुटी हुई है।
पहलुओं की जांच शुरू कर दी
जानकारी के अनुसार, यह मामला मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद सामने आया। EOW ने एलएनसीटी ग्रुप के प्रमोटर चौकसे परिवार के खिलाफ छात्रों की फीस, छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) और शिक्षा ऋण से जुड़े वित्तीय लेनदेन में कथित गड़बड़ी को लेकर मामला दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने भी धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलुओं की जांच शुरू कर दी।
कंपनियों और संस्थाओं के खातों में भेजी गई
जांच एजेंसियों के अनुसार छात्रों से वसूली गई बस फीस, हॉस्टल शुल्क और अन्य मदों की राशि को निर्धारित खातों में जमा करने के बजाय निजी और संबद्ध कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किए जाने के आरोप हैं। इसी तरह छात्रों की स्कॉलरशिप राशि के उपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ रकम अन्य कंपनियों और संस्थाओं के खातों में भेजी गई।
कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं
ईडी बैंकिंग रिकॉर्ड, अकाउंट स्टेटमेंट, डिजिटल डाटा और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विभिन्न कंपनियों, सोसायटियों और खातों के बीच धन का प्रवाह किस प्रकार हुआ और उसका उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया गया।
जांच के दायरे में आस्था फाउंडेशन सहित अन्य संस्थाएं और सोसायटियां भी शामिल हैं। वहीं शिक्षा और संस्थागत विकास के लिए लिए गए बैंक ऋणों के उपयोग की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल ईडी ने मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।