हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र (PPP) में आय सत्यापन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिवार पहचान पत्रों में दर्ज आय के सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंच सके।
हरियाणा सिविल सचिवालय में नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) और सेवा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आय सत्यापन से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निपटारा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
हरियाणा सीएम सैनी
ग्राम सभा करेगी आय की अंतिम पुष्टि
बैठक के दौरान CRID के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन ने जानकारी दी कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनकी आय का सत्यापन अभी तक नहीं हो पाया है। वर्तमान व्यवस्था के तहत आय सत्यापन समिति में एक सरकारी कर्मचारी, एक स्थानीय ऑपरेटर और एक स्वयंसेवक शामिल होते हैं, लेकिन कई मामलों में इनकी रिपोर्टों में अंतर होने से परिवार की वास्तविक आय तय करने में कठिनाई आती है।
इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि टीम लीडर और स्थानीय ऑपरेटर द्वारा प्रस्तुत आय संबंधी आंकड़ों को संबंधित गांव की ग्राम सभा के समक्ष रखा जाए। ग्राम सभा द्वारा की गई पुष्टि को अंतिम माना जाएगा। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर लोगों को परिवारों की वास्तविक आर्थिक स्थिति की बेहतर जानकारी होती है, जिससे पारदर्शी और सटीक निर्णय लिया जा सकेगा।
एक महीने में दूर होगी पेंडेंसी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी प्रकार के लंबित मामलों का निपटारा एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के आयु सत्यापन के आवेदन लंबित हैं, उन्हें अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से सत्यापित किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर आवेदक की सबसे बड़ी संतान की आयु को आधार बनाकर भी उम्र का निर्धारण किया जा सकता है।
किसानों और गरीब परिवारों को बड़ी राहत

बैठक में मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि कृषि से होने वाली पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आधार बनाकर किसी व्यक्ति या परिवार को उन सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए, जिनके लिए अधिकतम 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय की शर्त निर्धारित है। इस फैसले से हजारों किसान परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
PPP 2.0 और स्मार्ट कार्ड की तैयारी
बैठक में CRID अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा का परिवार पहचान पत्र प्लेटफॉर्म देश के सबसे अभिनव डिजिटल प्रशासनिक मॉडलों में से एक है। वर्तमान में राज्य के 77.41 लाख से अधिक परिवारों और लगभग 2.98 करोड़ सदस्यों का पंजीकरण इस प्रणाली में किया जा चुका है। इसके माध्यम से 50 से अधिक विभागों की 400 से ज्यादा योजनाएं संचालित की जा रही हैं।