जिस बयान में कहा था—‘किसी ने छू दिया तो सुबह इस्तीफा दे दूंगा’… वही बयान अब सम्राट चौधरी को याद क्यों दिलाया जा रहा है?” बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथ मौजूद नाबालिग छात्र से कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई के साथ सियासी विवाद भी तेज हो गया है। बता दे पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की और अब मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुआ है।
सम्राट चौधरी के पुराने बयान की चर्चा
घटना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का कुछ महीने पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। उस समय वे बिहार के डिप्टी सीएम थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कहा था कि अगर रात में किसी महिला को कोई छू दे तो वह सुबह इस्तीफा दे देंगे। अब विपक्षी नेताओं ने इसी बयान को जमुई की घटना से जोड़कर मुख्यमंत्री से सवाल किए हैं।
RJD नेता तेजस्वी यादव ने जमुई की घटना को लेकर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी पुराने बयान का हवाला देते हुए सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा है कि प्रशासन मामले में कार्रवाई कर रहा है। अब जमुई मामले में पुलिस जांच, आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई और नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करने वालों पर कार्रवाई के साथ-साथ मुख्यमंत्री के पुराने बयान को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस भी चर्चा में है।
कोचिंग से लौट रहे थे छात्र
पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर की शाम दोनों नाबालिग कोचिंग से लौट रहे थे। इसी दौरान मड़वा पहाड़ के पास कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। वीडियो में दोनों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट होती दिखाई दी। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की और मामले में SIT गठित की।
मुख्य आरोपी को पैर में लगी गोली
22 सितंबर को पुलिस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी नंदन यादव के घायल होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
120 सोशल मीडिया अकाउंट पर FIR
घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने और नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई की है। जमुई पुलिस के मुताबिक करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने लोगों से वीडियो को शेयर या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है और संबंधित सामग्री हटाने के लिए टेक-डाउन कार्रवाई शुरू की गई है।