चुनाव आयोग ने मंगलवार को राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया। इनमें उत्तर प्रदेश की 10, पश्चिम बंगाल की एक और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है। इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। इनमें से 10 सीटें सांसदों का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो रही हैं। वहीं उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट सांसदों के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है।
राज्यसभा में BJP के 116 सांसद
राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं, जिनमें फिलहाल 242 सीटों पर सदस्य हैं, जबकि तीन सीटें खाली हैं। मौजूदा संख्या के मुताबिक BJP के पास 116 सांसद हैं।
बंगाल की सीट पर BJP की नजर
पश्चिम बंगाल की एक सीट सांसद रुक्मिणी मल्लिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। इस सीट पर होने वाले उपचुनाव में BJP को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं उत्तराखंड में BJP सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। राज्य विधानसभा में BJP के पास बहुमत होने के कारण इस सीट पर पार्टी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
यूपी की 10 सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश में जिन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा BJP के अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा और सीमा द्विवेदी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। हरदीप सिंह पुरी का केंद्र सरकार में मंत्री पद पर बने रहना BJP के उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने के फैसले से जुड़ा होगा। यूपी की एक अन्य सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के इस्तीफे से खाली हुई है। उन्हें इसी महीने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था।
BSP की राज्यसभा सीट पर नजर
BSP के लिए भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। ऐसे में नए चुनाव के बाद BSP का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व खत्म हो सकता है। 2020 में BJP ने यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। इसके चलते BSP और SP को एक-एक सीट पर अपने उम्मीदवार निर्विरोध चुनने का अवसर मिला था। रामजी गौतम भी निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे थे।
यूपी में सीटों का गणित
उत्तर प्रदेश विधानसभा में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास करीब 290 विधायक हैं, जबकि SP-कांग्रेस गठबंधन के पास लगभग 103 विधायक हैं। एक राज्यसभा सीट के लिए करीब 37 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर BJP गठबंधन सात सीटें आसानी से जीत सकता है। SP-कांग्रेस गठबंधन दो सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है। इसके बाद बची एक सीट के लिए दोनों पक्षों के बीच वोटों का गणित अहम होगा। शुरुआती गणना में BJP गठबंधन के पास करीब 31 और SP-कांग्रेस गठबंधन के पास करीब 29 वोट बचने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में 10वीं सीट के चुनाव में अतिरिक्त वोट और विधायकों के समर्थन की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।