मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सिंगापुर दौरे के तीसरे और अंतिम दिन हरियाणा के लिए निवेश के लिहाज से बड़ी उपलब्धि सामने आई। मंगलवार को प्रदेश में निवेश के लिए करीब 5,500 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (MoUs) किए गए। इन निवेश प्रस्तावों से औद्योगिक विकास के साथ स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।
हेल्थ सेक्टर में 3,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
सिंगापुर दौरे के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी। प्रस्तावित निवेश से हरियाणा में अत्याधुनिक अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवा केंद्रों और वेलनेस सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
इसके अलावा चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भी गति मिल सकती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होने के साथ चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
जल प्रबंधन के लिए 1,500 करोड़ रुपये
जल उपचार एवं प्रबंधन क्षेत्र में करीब 1,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है। इसके तहत आधुनिक जल उपचार संयंत्रों, सीवेज ट्रीटमेंट, औद्योगिक जल प्रबंधन और जल के पुन: उपयोग जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणालियों के विकास से शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, इन परियोजनाओं से पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

शिक्षा और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है। इस निवेश से आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों, कौशल विकास केंद्रों, तकनीकी शिक्षा और डिजिटल लर्निंग सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।
रोजगारपरक प्रशिक्षण पर जोर दिए जाने से प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। सरकार का लक्ष्य शिक्षा और कौशल विकास को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मजबूत करना है।
‘निवेश कागजों तक सीमित नहीं रहेगा’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेश केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका प्रत्यक्ष लाभ हरियाणा के युवाओं, उद्योगों और आम नागरिकों तक पहुंचे।
सिंगापुर के विदेश मंत्री से हुई अहम बातचीत

सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन ने मुख्यमंत्री सैनी से मुलाकात कर शिक्षा, कौशल विकास, जल प्रबंधन, शहरी विकास, तकनीकी नवाचार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर सरकार की गर्मजोशी भरी मेजबानी के लिए बालाकृष्णन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शहरी विकास, जल प्रबंधन और तकनीकी नवाचार में सिंगापुर के अनुभवों से हरियाणा को काफी लाभ मिल सकता है। दोनों पक्षों के बीच मजबूत साझेदारी प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा और गति देने में अहम साबित हो सकती है।