सीहोर जिला एक बार फिर भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर हो उठा। क्षेत्र के धार्मिक व कृषि महत्व को समेटे अमलाहा से भव्य ‘शिवा गौ कृषक कांवड़ यात्रा’ का शुभारंभ हुआ, जिसने पूरे इछावर अंचल को शिवमय कर दिया। इस ऐतिहासिक यात्रा में भक्ति का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। यात्रा में करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने कंधे पर कांवड़ उठाकर शिव धाम की ओर कदम बढ़ाए, वहीं 5 हजार महिलाओं व युवतियों ने सिर पर मंगल कलश धारण कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और गौ-वंश की रक्षा की प्रार्थना की।
7 पवित्र नदियों के जल से अभिमंत्रित
धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण इस यात्रा की मुख्य विशेषता इसमें लाया गया 7 पवित्र नदियों का संगम जल रहा। श्रद्धालु इस दिव्य जल को कांवड़ में लेकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने रवाना हुए। डीजे की गूंज, भक्ति गीतों की धुन और आकर्षक झांकियों के साथ निकली इस कांवड़ यात्रा का स्वरूप देखते ही बन रहा था।
पुष्प वर्षा से जगह-जगह भव्य स्वागत
अमलाहा से शुरू होकर यह विशाल यात्रा धांमदा, दुर्गपुरा, जमुनिया हटेसिंह और भाऊंखेडी जैसे ग्रामीण अंचलों से गुजरी। मार्ग में पड़ने वाले हर गांव और इछावर शहर के प्रमुख चौराहों पर धर्मप्रेमी जनता ने कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों और नगरवासियों ने मंच बनाकर यात्रा पर जमकर पुष्पों की बौछार की और जगह-जगह जलपान व फलाहार की व्यवस्था की।
इछावर मंडी परिसर में हुआ समापन
भक्ति, ढोल-नगाड़ों और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों के साथ इछावर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए यह विशाल कांवड़ यात्रा इछावर मंडी परिसर पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ यात्रा का भव्य समापन हुआ। आयोजन समिति ने यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।