पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर सुर्खियाँ बटोर रहे हैं। गुरदासपुर जिले के बटाला में आयोजित एक धार्मिक समागम में उनकी मौजूदगी से ज्यादा चर्चा उनके विशाल काफिले की होती दिखाई दी। ऐसे समय में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देशवासियों से सादगी अपनाने और ईंधन बचाने की अपील कर चुके हैं, मुख्यमंत्री का लंबा काफिला लोगों के बीच चर्चा और राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
पंजाब सीएम भगवंत मान
धार्मिक समागम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भगवंत मान बटाला स्थित महाराज दर्शन दास डेरे में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शुक्रवार को पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम में विधायक अमन शेर सिंह कलसी और गुरदीप सिंह रंधावा भी मंच पर दिखाई दिए। डेरे के प्रमुख तिरलोचन दास ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया और उनका अभिनंदन किया।
नशे के खिलाफ अभियान पर CM का जोर
धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने पंजाब में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसमें समाज तथा धार्मिक संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं और युवाओं को सही दिशा देने का काम करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पंजाब को नशामुक्त बनाने के अभियान में सरकार का सहयोग करें।
प्रतीकात्मक तस्वीर
सुरक्षा व्यवस्था और काफिले पर उठे सवाल
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हालांकि, मुख्यमंत्री के बड़े काफिले ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सोशल मीडिया पर भी इस काफिले को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। कई लोगों ने इसे VIP संस्कृति से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि समर्थकों ने इसे सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा बताया।