Dehradun Crypto Scam: देहरादून में LUCC घोटाले के बाद अब क्रिप्टो करेंसी के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। धोखेबाजों ने मासूम निवेशकों को हर महीने 5% से 10% तक का तगड़ा मुनाफा देने का लालच देकर करीब 20 से 25 करोड़ रुपए का घपला किया और रातों-रात कंपनी बंद कर के फरार हो गए। इस संबंध में देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आलीशान होटलों और जूम मीटिंग्स के जरिए बुना जाल
आरोपियों ने लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए बेहद हाईटेक और मॉडर्न तरीकों का इस्तेमाल किया। रायपुर थाने में दर्ज FIR के मुताबिक, निवेशकों को लुभाने के लिए बकायदा होटलों में बड़े सेमिनार, सोशल मीडिया पर भारी प्रचार, वॉट्सऐप ग्रुप और जूम मीटिंग्स का सहारा लिया गया।
शुरुआत में इस स्कीम को पूरी तरह सुरक्षित और कानूनी रूप से वैध बताया गया था। यहां तक कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें प्लॉट देने और पोस्ट-डेटेड चेक (PDC) देने का वादा भी किया गया था।

बोटब्रो/क्रॉस मार्केट' का झांसा
दुर्गा बहादुर गुरूंग ने नवीन सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराया और बताया कि - 'करीब 2 साल पहले नवीन सिंह नेगी ने उन्हें एक कंपनी में पैसा लगाने के लिए कहा। कंपनी का नाम ‘बोटब्रो/क्रॉस मार्केट/माइन क्रिप्टो’ बताया गया।
भरोसा दिलाने के लिए निवेश से पहले बकायदा एक फॉर्म भरवाकर नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल जैसी जानकारियां ली गई और एक बिजनेस आईडी बनाई गई।
लाइसेंस के लिए ली फीस
झांसे को सच दिखाने के लिए एक साल का 'लाइंसेंस शुल्क' बताकर ₹10,000 भी वसूले गए। निवेशकों को भरोसा दिया गया था कि वे 6 महीने बाद बिना किसी कटौती के अपना पूरा पैसा वापस निकाल सकते हैं।
अक्टूबर 2025 में खुला राज
घोटाले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित अक्टूबर 2025 तक अपना पैसा वापस नहीं निकाल पाए। जब उन्होंने मुख्य आरोपी नवीन सिंह नेगी से संपर्क करने की कोशिश की, तब पता चला कि कंपनी पूरी तरह से बंद हो चुकी है और आरोपी अंडरग्राउंड हो चुके हैं।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, सिर्फ वही नहीं बल्कि उनके कई परिचितों और सैकड़ों अन्य लोगों ने भी इस प्लेटफॉर्म में अपने पैसे निवेश किए।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार के मुताबिक, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार रात को 6 नामजद आरोपियों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कड़ा मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
नवीन सिंह नेगी, दीपेश देवराणी, जगपाल सिंह सजवाण, सुरेंद्र प्रसाद कोटवाल, अनिल कुमार परदेसी, कमल सिंह रावत के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने इन सभी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम 2019 (BUDS Act) की धारा 3 और 21 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) [धोखाधड़ी] और 61 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस की टीमें अब आरोपियों की तलाश और पैसों की रिकवरी के लिए जांच में जुट गई हैं।