उत्तर प्रदेश के लखनऊ में नगर निगम और पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला कोर्ट परिसर के आसपास अवैध रूप से निर्मित चैम्बर और दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस कार्रवाई के निशाने पर 240 अवैध कब्जे हैं। बुलडोजर कार्रवाई की सूचना पर बड़ी संख्या में वकील पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद वकीलों की पुलिस से झड़प भी हुई। स्थिति नियंत्रण के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
कोर्ट के बाहर हंगामा
लखनऊ जिला कोर्ट के बाहर दोपहर में हंगामा हो गया। बुलडोजर से चैंबर तोड़े जाने के विरोध में वकील भड़क गए। वकील बुलडोजर के सामने खड़े हो गए। पुलिस ने हटाने की कोशिश की तो मामला बिगड़ गया। इसी बीच, कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। उन्हें पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

240 अवैध निर्माण
दरअसल, हाईकोर्ट ने कोर्ट के बाहर अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था। नगर निगम ने 240 अवैध निर्माण चिह्नित किए। इसमें ज्यादातर वकीलों के चैंबर और दुकानें थी। आज सुबह 9 बजे नगर निगम की टीम 10 बुलडोजर लेकर 300 पुलिसवालों के साथ पहुंची। तब से कार्रवाई की जा रही थी। बीच-बीच में विरोध के चलते कार्रवाई रुक गई। नगर निगम की टीम चैंबर में लगीं चटाइयां और कुर्सियां को भरकर ले गई।
फांसी लगने की कोशिश
कार्रवाई के दौरान ही एक वकील ने चैंबर बंद कर फांसी लगाने की कोशिश भी की। इस पर पुलिसकर्मियों ने बगल का चैंबर तोड़कर उसे बाहर निकाला। एक अन्य वकील पुलिस के सामने हाथ जोड़कर चैंबर न तोड़ने की गुहार लगाई। वकील ने कहा - 36 साल से मेरा यही चैंबर है। यह अवैध नहीं। अगर मेरे चैंबर पर बुलडोजर चला तो मैं जिंदा नहीं रहूंगा। फिलहाल, मौके पर तनावपूर्ण हालात है। 4 ACP, PAC और 10 थानों की फोर्स मौके पर तैनात हैं।