Dhamred PHC: धमरेड पीएचसी के क्वार्टर्स जर्जर, घटिया निर्माण से तीन साल में ही छतें टपकने लगीं

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Dhamred PHC: धमरेड पीएचसी के क्वार्टर्स जर्जर, घटिया निर्माण से तीन साल में ही छतें टपकने लगीं

dhamred phc  धमरेड पीएचसी के क्वार्टर्स जर्जर घटिया निर्माण से तीन साल में ही छतें टपकने लगीं

Dhamred PHC: राजगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले धमरेड स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में बने चिकित्सकों के सरकारी क्वार्टर्स खुद बीमार हालत में पहुंच गए हैं। मात्र तीन वर्ष पूर्व बने ये आवास अब इतनी बुरी स्थिति में हैं कि कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

[caption id="attachment_98710" align="alignnone" width="300"]Dhamred PHC Dhamred PHC[/caption]

Dhamred PHC: यहां तक कि जमीन भी धंसने लगी है

भारी बारिश के चलते क्वार्टर्स की छतों से पानी टपकने लगा है और दीवारों में गंभीर दरारें आ चुकी हैं। कई जगहों पर प्लास्टर झड़ गया है और कुछ स्थानों पर तो ईंट और पत्थर तक दिखाई देने लगे हैं। यहां तक कि जमीन भी धंसने लगी है।

Dhamred PHC: समय में ही ये पूरी तरह से जर्जर हो चुके

धमरेड पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. रोहित गोयल ने बताया कि यह क्वार्टर्स करीब तीन साल पहले बनाए गए थे। लेकिन निर्माण कार्य में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसकी वजह से इतने कम समय में ही ये पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं।

Dhamred PHC: छतें किसी भी वक्त धसक सकती

डॉ. गोयल ने बताया कि क्वार्टर्स की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसमें रहना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। दीवारें गिरने की कगार पर हैं और छतें किसी भी वक्त धसक सकती हैं।

Dhamred PHC: विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर इस समस्या की जानकारी दे दी है। लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही से यह साफ है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

Dhamred PHC: सेवा देने की गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित हो पाएगी?

सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने की बात तो की जाती है, लेकिन जब स्वास्थ्य कर्मियों को ही सुरक्षित रहने की जगह न मिले, तो सेवा देने की गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित हो पाएगी?

Dhamred PHC: स्थानीय लोग और स्वास्थ्य कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि क्वार्टर्स की तत्काल मरम्मत कराई जाए या उन्हें वैकल्पिक सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे बिना डर के अपने कार्य को सुचारू रूप से कर सकें।

लापरवाही किसी बड़ी जान-माल की क्षति का कारण बन सकती

यह मामला ना सिर्फ घटिया निर्माण कार्य की पोल खोलता है, बल्कि प्रशासन की उदासीनता पर भी सवाल उठाता है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो यह लापरवाही किसी बड़ी जान-माल की क्षति का कारण बन सकती है।

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