15 जून 2026 को पड़ेगी सोमवती अमावस्या, जानिए महत्व

सोमवती अमावस्या 2026

15 जून 2026 को पड़ेगी सोमवती अमावस्या, जानिए महत्व

सोमवती अमावस्या 2026 पर अमृत सिद्धि योग के साथ विशेष पुण्य प्राप्ति के लिए स्नान, दान, तर्पण का महत्व बढ़ जाता है। पंडित अमर डिब्बेवाला ने इस दिन की विशेषताएं साझा कीं।

15 जून 2026 को पड़ेगी सोमवती अमावस्या जानिए महत्व

15 जून 2026 को पड़ेगी सोमवती अमावस्या, जानिए महत्व |

Somvati Amavasya 2026: हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या को विशेष महत्व दिया जाता है। इस बार 15 जून 2026 को पड़ रही सोमवती अमावस्या अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी मानी जा रही है। वर्षों बाद ऐसा शुभ संयोग बन रहा है, जब सोमवार को अमावस्या के साथ अमृत सिद्धि योग का प्रभाव रहेगा।

पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया महत्व

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि, 'ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की यह अमावस्या पुरुषोत्तम मास की पूर्णता के साथ आ रही है। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र, गण्ड योग और वृषभ से मिथुन राशि में चंद्रमा का संयोग रहेगा। मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान, जप, तप और पितृ तर्पण करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है।'

अमृत सिद्धि योग का शुभ प्रभाव

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, 'इस बार अमावस्या पर बनने वाला अमृत सिद्धि योग अत्यंत शुभ है। इस पावन अवसर पर देव, ऋषि और पितरों के लिए तर्पण, तीर्थ श्राद्ध और पितृ श्राद्ध करने से असीम पुण्य प्राप्ति होती है। मध्यरात्रि की साधना साधकों को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और सिद्धि प्रदान करने वाली मानी गई है।'

सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश

इस दिन दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। उदयकाल से अमावस्या का स्पर्श होने के कारण इसका पूरे दिन शुभ प्रभाव रहेगा। साधना, उपासना और आराधना के लिए यह दिन अत्यंत उत्तम है।

सफेद वस्तुओं का दान करें 

सोमवती अमावस्या पर सोम तीर्थ में स्नान और भगवान सोमेश्वर का अभिषेक-पूजन अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन चावल, शक्कर, साबूदाना, दूध और अन्य सफेद वस्तुओं का दान करने से चंद्रमा की कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में सुख-शांति बढ़ती है और बच्चों के स्वभाव में सकारात्मक बदलाव आता है।

 

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