सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। शुक्रवार सुबह कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स करीब 1000 अंक उछलकर 74,800 के स्तर के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,450 के पार कारोबार करता नजर आया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया, जिससे बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली।
ट्रंप के बयान से बदला बाजार का माहौल
शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान प्रमुख वजह माना जा रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ समझौते की दिशा में प्रगति हुई है और समझौता होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सामान्य रूप से खोला जा सकता है। हालांकि ईरान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों ने इस बयान को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया।
कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को मिला सहारा
ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और तेल 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है। तेल की कीमतें कम होने से महंगाई पर दबाव घटने की संभावना बढ़ती है, जिसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट मुनाफे पर पड़ सकता है। यही कारण रहा कि निवेशकों ने बाजार में जमकर खरीदारी की।
बैंकिंग, मेटल और रियल्टी शेयरों में जोरदार खरीदारी
शुक्रवार के कारोबार में बैंकिंग, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में खरीदारी बढ़ाई। इंडिगो, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, अशोक लेलैंड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, यूपीएल, मुथूट फाइनेंस और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसे शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत
एशियाई बाजारों में भी शानदार तेजी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया, जापान और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मजबूत खरीदारी हुई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 में अच्छी बढ़त ने भारतीय बाजार को सकारात्मक शुरुआत का आधार दिया।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद बाजार मजबूत
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव नहीं बढ़ता, तो आने वाले दिनों में बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है।