राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों के हित में ऐतिहासिक पहल करते हुए इस साल पहली बार पूरक परीक्षा के स्थान पर ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’ आयोजित की गई। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) के लिए आयोजित द्वितीय अवसर परीक्षा-2026 में उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बधाई दी।
CM ने दी बधाई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लिखा कि कुल 1,42,468 में से 84,871 विद्यार्थियों को सफलता मिली है। इस पहल ने हजारों विद्यार्थियों के सपनों, आत्मविश्वास और भविष्य के लिए नया अवसर दिया।
विशेषताएं और नियम
बता दे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अंतर्गत छात्रों का शैक्षणिक साल बचाने और उन्हें एक गरिमापूर्ण अवसर देने के लिए मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा पूरक परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर दिया गया। इसके स्थान पर 'द्वितीय मुख्य परीक्षा' आयोजित की जाती है। इस द्वितीय अवसर परीक्षा की विशेषताएं और नियम इस प्रकार हैं:
- इस परीक्षा में केवल फेल छात्र ही नहीं, बल्कि वे उत्तीर्ण छात्र भी शामिल हो सकते हैं जो अपने अंकों में सुधार (Improvement) करना चाहते हैं।
- इसमें अनुत्तीर्ण विषयों को चुनना अनिवार्य होता है, लेकिन उत्तीर्ण सब्जेक्ट को चुनना छात्रों की इच्छा पर निर्भर करता है।
- इसका परिणाम सीधे MP बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाता है।
छात्रों को लाभ
द्वितीय परीक्षा के बाद जारी अंकसूची मेन परीक्षा की तरह ही होगी। बोर्ड ने साफ किया है कि छात्र के मुख्य परीक्षा और द्वितीय परीक्षा में से जो भी बेहतर रिजल्ट होगा, वही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा। इससे छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार का सीधा लाभ मिलेगा।