मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त किए जाने के मामले ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में तीन दिवसीय आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी का आरोप है कि नामांकन निरस्त करने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और चुनाव आयोग से लेकर विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर तक की भूमिका सवालों के घेरे में है।
स मुद्दे पर आवाज उठाना जरूरी
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सोमवार से प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन की शुरुआत होगी। पहले दिन युवक कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। इसके बाद दूसरे दिन एनएसयूआई और तीसरे दिन महिला कांग्रेस विभिन्न जिलों में विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगी। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए इस मुद्दे पर आवाज उठाना जरूरी है।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस ने कई स्तरों पर विरोध दर्ज कराया था। पार्टी ने धरना, प्रदर्शन, उपवास आंदोलन और गिरफ्तारी जैसे कार्यक्रम भी किए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। कांग्रेस का आरोप है कि पूरे मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता का अभाव रहा है।
पना संघर्ष जारी रखने के संकेत दे रही
इधर, राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और मध्य प्रदेश से तीन उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित करते हुए प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना संघर्ष जारी रखने के संकेत दे रही है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता के सवाल पर पीछे नहीं हटेंगे। आगामी तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन, धरना और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस का दावा है कि इस आंदोलन के माध्यम से जनता को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी जाएगी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।