मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग से एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र के 13 वर्षीय एक बच्चे की रेबीज संक्रमण से मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि बच्चे को किसी जानवर ने काटा नहीं था, बल्कि एक बिल्ली ने उसे पंजा मारा था। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के दुर्लभ मामलों में से एक है, जहां बिल्ली के पंजे से हुए संक्रमण ने जानलेवा रूप ले लिया।
पंजा लगने के बाद बढ़ता गया संक्रमण
जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले बच्चे को एक बिल्ली ने पंजा मार दिया था। शुरुआत में इसे सामान्य चोट समझा गया, लेकिन बाद में बच्चे में गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे। हालत बिगड़ने पर उसे ग्वालियर के शासकीय कमलाराजा अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को रेबीज संक्रमण की आशंका हुई, जो बाद में सही साबित हुई।
दिमाग तक पहुंच गया था वायरस
डॉक्टरों ने बताया कि संक्रमण तेजी से फैलकर बच्चे के मस्तिष्क तक पहुंच गया था। रेबीज वायरस के दिमाग को प्रभावित करने के बाद मरीज की हालत बेहद गंभीर हो जाती है और इलाज की संभावना बहुत कम रह जाती है। तमाम प्रयासों के बावजूद बच्चे को बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने चिकित्सा विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है।
परिजनों को भी दी गई सावधानी की सलाह
पीएसएम विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज बंसल ने बताया कि केस हिस्ट्री के आधार पर बच्चे का इलाज किया गया था। साथ ही उसके संपर्क में आए परिजनों को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी जानवर के काटने, पंजा मारने, खरोंच लगाने या लार के संपर्क में आने पर तुरंत घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करना चाहिए और बिना देरी किए एआरवी लगवानी चाहिए।
2026 में अब तक 8 मौतें
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2026 में मध्य प्रदेश में रेबीज से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। यह घटना लोगों को जागरूक रहने और किसी भी पशुजनित चोट को हल्के में न लेने की चेतावनी देती है।