भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक टूटा; सोना-चांदी और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव
शुक्रवार, 29 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद अंतिम कारोबारी घंटों में बाजार में तेज गिरावट आई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में बड़ा नुकसान दर्ज किया गया। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर मानसून की आशंका, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
बीएसई सेंसेक्स 1,092.06 अंकों की गिरावट के साथ 74,775.74 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50, 359.40 अंक टूटकर 23,547.75 के स्तर पर बंद हुआ। बैंकिंग, आईटी, वित्तीय और ऑटो सेक्टर में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय मौसम विभाग द्वारा कमजोर मानसून की आशंका जताए जाने से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। कमजोर मानसून का सीधा असर कृषि उत्पादन और महंगाई पर पड़ सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और संभावित युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता ने वैश्विक बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ाई। निवेशक फिलहाल जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में आज मिश्रित कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक करीब 2.6 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी बढ़त में रहा। दूसरी ओर चीन का शंघाई कंपोजिट दबाव में दिखाई दिया।
दक्षिण कोरिया के कोस्पी में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई। निवेशकों ने अमेरिका-ईरान तनाव में संभावित नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को सकारात्मक संकेत माना।
अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन
अमेरिकी बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। डॉव जोंस, एसएंडपी 500 और नैस्डैक इंडेक्स में मजबूती दर्ज की गई। मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों और टेक सेक्टर में खरीदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
विशेष रूप से एआई आधारित कंपनियों और टेक शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी हुई है। हालांकि मध्य पूर्व तनाव और तेल कीमतों को लेकर निवेशक अब भी सतर्क बने हुए हैं।
सोना और चांदी के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत में सोने और चांदी की कीमतों में भी हलचल बनी रही। दिल्ली और मुंबई के प्रमुख सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना लगभग ₹98,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि चांदी ₹1,08,000 प्रति किलोग्राम के करीब बनी रही।
वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते निवेशक अभी भी सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
रुपये के मुकाबले प्रमुख मुद्राओं की स्थिति
भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग 95.7 के स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप से रुपये को सहारा मिला।
प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले भारतीय रुपये की अनुमानित स्थिति इस प्रकार रही:
- 1 अमेरिकी डॉलर = ₹95.7
- 1 यूरो = ₹108 के आसपास
- 1 ब्रिटिश पाउंड = ₹127 के आसपास
- 1 चीनी युआन = ₹13.2 के करीब
रुपये में मजबूती से आयात लागत में कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कच्चे तेल में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम विस्तार की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 90-91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
तेल कीमतों में नरमी भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। इससे महंगाई पर दबाव कम हो सकता है और चालू खाते के घाटे में भी सुधार की संभावना है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रम, मानसून की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और मानसून सामान्य रहता है, तो बाजार में दोबारा स्थिरता लौट सकती है।
हालांकि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और गुणवत्ता वाले शेयरों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।