Jamwant Temple MP: सागर में स्थित है जामवंत का इकलौता और अनोखा मंदिर!

Unique Jamwant Temple in MP

Jamwant Temple MP: सागर में स्थित है जामवंत का इकलौता और अनोखा मंदिर!

Located on the Sagar-Jabalpur route in Madhya Pradesh, the Jamwant Temple is dedicated to the mythological bear king Jamwant, known for aiding Lord Rama in the epic Ramayana.

jamwant temple mp सागर में स्थित है जामवंत का इकलौता और अनोखा मंदिर

Jamwant Temple MP: सागर में स्थित है जामवंत का इकलौता और अनोखा मंदिर! |

Jamwant Temple MP: मध्यप्रदेश में अनेकों मंदिर है, लेकिन मध्य प्रदेश के सागर-जबलपुर मार्ग पर स्थित गलगल टोरी में रामायण काल के महान रीछराज जामवंत (जांबवन) का एक अनोखा मंदिर है। भगवान ब्रह्मा के तीसरे अवतार माने जाने वाले जामवंत ने भगवान राम और रावण के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

कहते हैं कि- 'रीछराज स्वयं यहां पहुंचकर दर्शन करते थे और वापस लौट जाते थे।  

हनुमान जयंती पर भी लगती है भारी भीड़

हनुमान जयंती के अवसर पर यहां सिर्फ हनुमान मंदिरों ही नहीं, जामवंत मंदिर में भी श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ती है।

जामवंत वही हैं जिन्होंने हनुमान जी को उनकी छिपी हुई शक्तियों का स्मरण करवाया था।

मंदिर की प्राचीनता और स्थापना का रहस्य

इस मंदिर की सटीक स्थापना और उम्र के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि- 'यहां सदियों से पूजा-अर्चना होती आ रही है। पहले यह क्षेत्र पहाड़ी और जंगली था, जहां आसानी से रीछ आ-जा सकते थे। समय के साथ जंगल कम हुआ, लेकिन भक्ति का सिलसिला आज भी निरंतर जारी है।'

कैसे बना यह भव्य मंदिर?

पहले यहां सिर्फ एक चबूतरा था। जैसे-जैसे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती गईं, मंदिर का स्वरूप भव्य होता गया।  1955-56 में पहली बार यहां मड़िया (छोटा मंदिर) का निर्माण किया गया। उसके बाद लगातार जीर्णोद्धार और विकास का काम चल रहा है। आज यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है।

अर्जी लगाने की खास विधि

मंदिर के पुजारी शालक राम कटारे के अनुसार यहां विशेष रूप से कोर्ट-कचहरी और अन्य मुश्किल मामलों के लिए अर्जी लगाई जाती है।

नारियल सीधी भेंट भगवान के चरणों में रखें। मंदिर के किसी भी हिस्से में गांठ बांध दें। पांच मंगलवार तक नियमित दर्शन करें। मनोकामना पूरी होने पर सामर्थ्य अनुसार सेवा या दान करें।

पौराणिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, जामवंत अमर व्यक्तियों में से एक हैं। उन्होंने मत्स्य अवतार को छोड़कर कूर्म अवतार से लेकर श्रीकृष्ण अवतार तक सभी अवतारों के दर्शन किए। वामन, राम और कृष्ण अवतारों की अनेक कथाओं में उनका उल्लेख मिलता है। पूरे देश में जामवंत के मात्र 2-3 मंदिर ही हैं, जबकि गुफाएं कई जगह मौजूद हैं। मध्य प्रदेश में यह संभवतः इकलौता मंदिर है।

सागर शहर से सागर-जबलपुर मार्ग पर गलगल टोरी में स्थित यह मंदिर आसानी से पहुंचा जा सकता है। मंगलवार और शनिवार को यहां सबसे ज्यादा भीड़ होती है।

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