मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के करोड़ों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अगले पांच वर्षों के लिए 21,485 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे बड़ा फोकस स्वास्थ्य क्षेत्र पर रहेगा, जहां 17,059 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा बजट
कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेजों से जुड़ी चिकित्सालय योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इस योजना पर 14,363 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिससे लोगों को बेहतर और नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही चिकित्सा शिक्षा और मानव संसाधन विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रमों को मजबूत बनाने के लिए 657 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए 1,200 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। एमबीबीएस सीटों में वृद्धि के लिए 838 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
किसानों को मिली बड़ी राहत
राज्य सरकार ने किसानों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब किसानों द्वारा उत्पादित गर्मी की मूंग का 25 प्रतिशत हिस्सा सरकार खरीदेगी। इसके अलावा उड़द की फसल का एक-एक दाना खरीदने का फैसला किया गया है। इससे किसानों को बेहतर बाजार और फसल का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।
भोजशाला और सांस्कृतिक विकास पर फोकस
धार स्थित भोजशाला में सरस्वती लोक विकसित किया जाएगा। साथ ही भोज शोध संस्थान की स्थापना भी की जाएगी। भोजशाला आंदोलन में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने बरगी क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के निर्णय का अनुमोदन किया। इंदौर के पिपल्याहाना क्षेत्र में नए जिला न्यायालय भवन के लिए 626.61 करोड़ रुपए की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई। इसके अलावा पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम और उपकर संशोधन अध्यादेश के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
सरकार का दावा है कि इन फैसलों से स्वास्थ्य, शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था और कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।