मुजफ्फरनगर में 14 दिनों से लापता विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड का खुलासा हुआ है। गुमशुदगी से शुरू हुई कहानी ने उस वक्त खौफनाक मोड़ ले लिया, जब पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर पकड़े गए आरोपी ने हत्या, शव के टुकड़े करने और सबूत मिटाने की साजिश की बात कबूल की।
खेत में दफनाया
पुलिस के मुताबिक, 36 साल का विकसित उर्फ रॉकी को पहले अगवा किया गया, फिर गोली मारकर हत्या कर दी। पहचान मिटाने के लिए उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। धड़ को नमक डालकर खेत में दफना दिया गया, जबकि सिर को नहर में फेंक दिया गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कादीपुर गांव के जंगल के पास खेत से धड़ बरामद किया है। वहीं सिर की तलाश जारी है।

पत्नी बेटे के साथ गायब
सिखेड़ा थाना इलाके के बेहड़ा अस्सा गांव निवासी विकसित उर्फ रॉकी 18 मई को अपनी पत्नी रेणु के साथ घर से निकला था। परिजनों के अनुसार, रेणु उसे बागपत और ऋषिकेश जाने की बात कहकर अपने साथ ले गई थी। उसी शाम करीब 7 बजे रॉकी की अपनी मां से आखिरी बार कॉल पर बातचीत हुई। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में रेणु कहानियां सुनाकर परिवार को गुमराह करती रही। जब सवाल बढ़ने लगे तो 26 मई को वह अपने बेटे बादल और पुत्रवधू निशा के साथ घर छोड़कर चली गई। इसके बाद परिवार का शक और गहरा गया।
अपहरण के बाद हत्या
मृतक रॉकी के भाई मुकुल कुमार ने 25 मई को सिखेड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने शुरुआत से ही अपहरण और हत्या की आशंका जताई। मामला गंभीर होने पर पुलिस अधिकारियों ने कई टीमें गठित कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को कुछ सुराग मिले। इसी बीच गांव से एक काले रंग की कार की CCTV फुटेज भी सामने आई, जिसमें दावा किया गया कि रॉकी को इसी वाहन में घर से ले जाया गया था।
आरोपी गिरफ्तार
सोमवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि भोपा थाना क्षेत्र के कादीपुर गांव के जंगल में एक संदिग्ध व्यक्ति है। सिखेड़ा और भोपा पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख आरोपी ने फायरिंग शुरू की। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में मोंटी त्यागी ने जो कहानी बताई, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया।