Bhanu Saptami June 2026: हिंदू धर्म में हर महिने कोई न कोई त्योहार आता है, ऐसे में अगर जीवन में आत्मविश्वास, सामाजिक प्रतिष्ठा और करियर की सफलता पाना चाहते हैं, तो भानु सप्तमी का दिन बेहद खास माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा गया है। साल 2026 में अधिकमास की भानु सप्तमी 7 जून 2026 (रविवार) को मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से सूर्य उपासना करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और कई प्रकार की बाधाएं दूर हो सकती हैं।
भानु सप्तमी का ज्योतिषीय महत्व
जब सप्तमी तिथि रविवार को पड़ती है तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। यह दिन पूर्ण रूप से सूर्य देव को समर्पित होता है। सूर्य कुंडली में आत्मबल, नेतृत्व क्षमता, पिता, सरकारी क्षेत्र, सम्मान और सफलता के मुख्य कारक माने जाते हैं। जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, उन्हें करियर में रुकावटें, आत्मविश्वास की कमी और सम्मान संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में भानु सप्तमी पर की गई सूर्य साधना विशेष रूप से फलदायी होती है।
क्यों खास है इस बार की भानु सप्तमी?
इस वर्ष अधिकमास में पड़ रही भानु सप्तमी का महत्व और बढ़ जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन पूजा, दान करना बेहद शुभ माना जाता है। सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नई प्रेरणा जागृत होती है।

भानु सप्तमी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां
देर तक न सोएं
सूर्य देव अनुशासन के प्रतीक हैं। भानु सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर उगते सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। देर तक सोना शुभ नहीं माना जाता।
तामसिक भोजन से परहेज
इस दिन मांसाहार, शराब, लहसुन, प्याज जैसी तामसिक चीजों से पूरी तरह दूर रहें। सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए।
किसी का अपमान या क्रोध न करें
सूर्य सम्मान और प्रतिष्ठा के कारक हैं। इस दिन कटु वचन, क्रोध या किसी का अपमान करने से सूर्य की कृपा कम हो सकती है।
दान-पुण्य करें
पूजा के साथ दान करना भी जरूरी है। जरूरतमंदों को अन्न, जल, वस्त्र या सहायता देना सूर्य देव को प्रसन्न करता है।
सूर्य अर्घ्य देना न भूलें
तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य अवश्य अर्पित करें।
भानु सप्तमी पर करें ये शुभ
1. सूर्य मंत्र “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जाप करें। इससे आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति बढ़ती है।
2. आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ रामायण में वर्णित इस स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी माना गया है।
3. लाल वस्त्र, गेहूं और गुड़ का दान करें, लाल रंग सूर्य का प्रतीक है। इन वस्तुओं का दान करने से सूर्य प्रसन्न होते हैं।
4. गरीबों को भोजन कराना या प्यासे को जल पिलाना इस दिन का सर्वोत्तम कार्य है।