मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और रहस्य से भरा मामला सामने आया है। म्याना थाना क्षेत्र में स्थित एक बंद मकान से दो दिनों के भीतर तीन सड़ी-गली लाशें मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। तेज दुर्गंध आने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शुरू हुई जांच ने एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे किए। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच कर रही है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
बंद घर में मिला बुजुर्ग का शव
घटना का खुलासा रविवार सुबह उस समय हुआ जब हनुमान मंदिर के पास स्थित एक मकान से तेज बदबू आने लगी। आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मकान के बाहर ताला लगा हुआ था। ताला तोड़कर जब पुलिस अंदर पहुंची तो एक कमरे में 60 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा का सड़ा-गला शव पड़ा मिला।
शव की स्थिति देखकर अनुमान लगाया गया कि उनकी मौत तीन से चार दिन पहले हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश शर्मा अकेले रहते थे। उनकी पत्नी का निधन लगभग पांच वर्ष पहले हो चुका था, जबकि उनका बेटा भोपाल में निवास करता है।
दूसरे दिन मिले दो और शव, बढ़ा रहस्य
मामला उस समय और अधिक उलझ गया जब अगले दिन जांच के लिए दोबारा पहुंचे पुलिस अधिकारियों को मकान के एक अन्य बंद कमरे से तेज दुर्गंध महसूस हुई। कमरे का दरवाजा खोला गया तो वहां एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद हुए, जो बुरी तरह सड़ चुके थे।
प्रतीकात्मक तस्वीर
पुलिस ने महिला की पहचान गिंदाबाई जाटव के रूप में की है, जबकि पुरुष की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। एक ही परिसर से तीन शव मिलने के बाद पूरे इलाके में भय और जिज्ञासा का माहौल बन गया है।
जांच में सामने आया अवैध संबंधों का एंगल
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि ओमप्रकाश शर्मा और गिंदाबाई जाटव के बीच कथित रूप से करीबी संबंध थे। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि हाल ही में ओमप्रकाश ने गिंदाबाई के नाम एक प्लॉट की रजिस्ट्री कराई थी। दोनों के शराब सेवन के आदी होने की बात भी सामने आ रही है।
हालांकि पुलिस ने इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच के दौरान इन पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। मकान के बाहर ताला लगा होना और अंदर तीन शवों का मिलना मामले को और अधिक संदिग्ध बना रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल स्वयं मौके पर पहुंचीं और जांच की निगरानी की। मामले की तह तक पहुंचने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद ली जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। शवों की स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण मौत के कारणों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा रहस्य
प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार के स्पष्ट बाहरी चोट के निशान सामने नहीं आए हैं, लेकिन पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है। तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।