उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक युवती की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने 35 दिन बाद कब्र खोदकर उसका शव बाहर निकलवाया। युवती के परिजनों का आरोप है कि जिस युवक ने खुद को हिंदू बताकर शादी की थी, उसका वास्तविक नाम साहिल है और शादी के बाद उनकी बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, फिर शादी
परिजनों के अनुसार मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली गोल्डी की मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक युवक से हुई थी। युवती के परिवार का आरोप है कि युवक ने अपना नाम "प्रिंस" बताया था और खुद को हिंदू बताया था।दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदली और बाद में दोनों ने शादी कर ली। बताया गया है कि दोनों हैदराबाद में नौकरी करते थे।
10 मई को हुई मौत, बाद में परिजनों को मिली जानकारी
परिवार का आरोप है कि 10 मई को युवती की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें तत्काल इसकी जानकारी नहीं दी गई और बाद में बेटी की मृत्यु की सूचना मिली।मृतका की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी गर्भवती बेटी की मौत सामान्य नहीं थी और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
35 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव
परिजनों की शिकायत के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया। शव काफी समय तक दफन रहने के कारण सड़ी अवस्था में मिला।पुलिस के अनुसार दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। विस्तृत जांच और अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस जांच जारी
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि युवती के परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी युवक और उसके परिवार से पूछताछ की गई है।पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।