February Month of Love: प्यार के महीने की शुरुआत, जानिए क्या है वैलेंटाइन डे का इतिहास!

february-month-of-love-janiye-valentine-ka-itihas

February Month of Love: प्यार के महीने की शुरुआत, जानिए क्या है वैलेंटाइन डे का इतिहास!

february month of love प्यार के महीने की शुरुआत जानिए क्या है वैलेंटाइन डे का इतिहास

February Month of Love: फरवरी महिने की शुरुआत हो चुकी है। इस महिने को प्यार का महिना भी कहते है। प्रेमी जोड़ो को इस महिने का बेसब्री से इंतजार रहता है। जल्द ही इस महिने वेलेंटाइन वीक शुरु हो जाएगा। हर साल 14 फरवरी को पूरी दुनिया में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। इस दिन प्यार और दोस्ती के उत्सव के रुप में मनाया जाता है। यह दिन खासकर अपने प्रियतम के साथ बिताने के लिए होता है। यह प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन अवसर होता है अपने रिश्ते को और भी मजबूत बनाने का।

7 फरवरी से शुरू होगा वेलेंटाइन वीक

वहीं जो लोग सिंगल हैं, उनको मिंगल होने का मौका भी रहता है। वेलेंटाइन वीक 7 फरवरी से शुरू होता है और 14 फरवरी तक चलता है। इस दौरान प्रेमी अपने जज़्बातों को व्यक्त करने के लिए अलग-अलग तरीकों का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वैलेंटाइन कब से शुरु हुआ इसका इतिहास क्या है आइए जानिए...

जानिए वैलेंटाइन का इतिहास

इतिहासकारों के मुताबिक ऑरिया ऑफ जैकोबस की किताब में वैलेंटाइन डे का जिक्र किया गया है। उसमें बताया गया है कि 270 ईस्वी में एक संत वैलेंटाइन हुआ करते थे। वहीं उस समय क्लाउडियस नामक आक्रमणकारी राजा का शासन था। वह प्रेम संबंधों और शादी करने के सख्त खिलाफ थे।

संत वैलेंटाइन से जुड़ी कहानी..

वैलेंटाइन डे को मनाने के पीछे संत वैलेंटाइन का बहुत बड़ा हाथ है। दरअसल, ऐसा माना जाता है कि रोम के राजा क्लाउडियस प्यार के सख्त खिलाफ थे, क्योंकि उनका मानना था कि अगर सैनिक प्यार करने लगेंगे,तो उनका मन काम से भटक जाएगा और इससे रोम की सेना कमजोर होगी। यही वजह थी कि उन्होंने सैनिकों के शादी करने पर भी रोक लगा रखी थी। वहीं, दूसरी तरफ संत वैलेंटाइन प्यार का प्रचार करते थे। इतना ही नहीं उन्होंने राजा के खिलाफ जाकर कई लोगों की शादियां भी करवाई थी।

संत वैलेंटाइन को मिली फांसी की सजा

संत वैलेंटाइन ने लोगों की शादियां करवाकर राजा क्लाउडियस की धारणा को गलत साबित किया, जिसकी वजह से रोम के राजा ने उन्हें फांसी की सजा सुना दी। इसके बाद 14 फरवरी के दिन ही संत वैलेंटाइन को फांसी दी गई और उसी दिन से वैलेंटाइन डे मनाने की शुरुआत हुई। इस दिन के बाद से ही रोम समेत दुनियाभर में 14 फरवरी को प्यार का दिन मनाने का प्रचलन शुरू हुआ जो आज भी जारी है।      

संबंधित सामग्री

बॉलीवुड एक्टर जॉन अब्राहम ने बेंगलुरु इवेंट में फैन को बचाया, वीडियो हुआ वायरल

मनोरंजन

बॉलीवुड एक्टर जॉन अब्राहम ने बेंगलुरु इवेंट में फैन को बचाया, वीडियो हुआ वायरल

वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे के इवेंट में जॉन अब्राहम ने सिक्योरिटी गार्ड को रोक कर फैन को बचाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

कौन थे हड़प्पा काल के लोग? राखीगढ़ी के 5000 साल पुराने कंकाल देंगे जवाब

देश-विदेश

कौन थे हड़प्पा काल के लोग? राखीगढ़ी के 5000 साल पुराने कंकाल देंगे जवाब

हरियाणा के राखीगढ़ी में मिले प्राचीन कंकालों का अध्ययन से हड़प्पा काल की जीवनशैली, स्वास्थ्य और प्रवास संबंधी जानकारियाँ प्राप्त होंगी।

MP UCC: आदिवासियों के विवाह पंजीयन को किया जा सकता है अनिवार्य, ड्राफ्ट कमेटी के सामने आए 4 बड़े सुझाव

राज्य

MP UCC: आदिवासियों के विवाह पंजीयन को किया जा सकता है अनिवार्य, ड्राफ्ट कमेटी के सामने आए 4 बड़े सुझाव

मध्यप्रदेश में यूसीसी के प्रारूप पर चर्चा तेज हुई है, जिसमें आदिवासी समाज के लिए चार प्रमुख सुझाव प्रस्तावित किए गए हैं। समिति इन पर विचार कर रही है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस पर CM डॉ मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, बोले- भारत की एकता के लिए उनका बलिदान अविस्मरणीय

राज्य

श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस पर CM डॉ मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, बोले- भारत की एकता के लिए उनका बलिदान अविस्मरणीय

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई कार्यक्रमों की घोषणा की गई।

अनूपपुर: आरती की घंटियां सुन मंदिर पहुंच जाते हैं भालू, प्रसाद लेकर लौट जाते हैं जंगल,  लोग मानते हैं जावंत

राज्य

अनूपपुर: आरती की घंटियां सुन मंदिर पहुंच जाते हैं भालू, प्रसाद लेकर लौट जाते हैं जंगल, लोग मानते हैं जावंत

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में भालू मंदिर में प्रसाद ग्रहण करने आते हैं। यह अनोखी घटना 2013 से जारी है, जिसमें भालू बिना किसी उपद्रव के प्रसाद लेकर वापस जंगल जाते हैं।