श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश भाजपा कार्यालय के सामने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का विभाजन भारत के इतिहास की सबसे बड़ी भूलों में से एक था और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के साथ ही देश विभाजन की पीड़ा से भी गुजरा, जिसमें हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने विभाजनकारी नीतियों और षड्यंत्रों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई। “एक देश में दो विधान” जैसी व्यवस्था को समाप्त करने के पीछे भी उनके संघर्ष और विचारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भावना को साकार होते देख रहा
डॉ. यादव ने कहा कि आज देश ‘वंदे मातरम्’ की भावना को साकार होते देख रहा है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है और प्रदेशभर से विभिन्न वर्गों एवं धर्मों के लोगों के 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं।
सामाजिक समरसता को मजबूत करेगा
उन्होंने कहा कि सरकार का मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” है और मध्यप्रदेश डॉ. मुखर्जी के आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करेगा।
भाजपा 23 जून से 6 जुलाई तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस दौरान बूथ स्तर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम, जिला कार्यकर्ता सम्मेलन, छात्र सम्मेलन, वृक्षारोपण अभियान और विभिन्न स्थानों पर प्रतिमा अनावरण व नामकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विशेष टोलियों का भी गठन किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने संगठन की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा में सभी कार्यकर्ताओं को समान सम्मान मिलता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित और समाजहित के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। इस अभियान के सफल संचालन के लिए प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर विशेष टोलियों का भी गठन किया जाएगा।