रेनी सीज़न हेल्थ टिप्स

इस बारिश के मौसम में खुद को रखें हेल्दी और फिट, अपनाएं ये आसान लाइफस्टाइल टिप्स

बरसात के मौसम में खानपान, पर्सनल हाइजीन और घर की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि मौसमी बीमारियों और संक्रमण से बचा जा सके।

By : सोनिया रायकवार
इस बारिश के मौसम में खुद को रखें हेल्दी और फिट, अपनाएं ये आसान लाइफस्टाइल टिप्स

बरसात का मौसम अपने साथ सुहाना मौसम, ठंडी हवाएं और राहत लेकर आता है, लेकिन यह अपने साथ कई तरह की मौसमी बीमारियां, नमी (Humidity) और संक्रमण भी लाता है। इस मौसम में हमारा इम्यून सिस्टम थोड़ा कमजोर हो सकता है, जिससे सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, पाचन संबंधी समस्याएं और फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के इस खूबसूरत मौसम का पूरा आनंद लेने के लिए जरूरी है कि आप अपनी जीवनशैली (Lifestyle) में कुछ खास बदलाव करें।

खानपान और डाइट का रखें खास ख्याल

मानसून के दौरान पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, इसलिए खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।  इस मौसम में हमेशा ताजा, घर का बना और हल्का गर्म खाना ही खाएं। बाहर का खुला हुआ खाना, स्ट्रीट फूड और डीप-फ्राईड चीजें खाने से बचें, क्योंकि इनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। बारिश के दिनों में पानी के जरिए बीमारियां फैलने का डर रहता है। हमेशा उबला हुआ या अच्छी तरह से फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए हर्बल टी (अदरक, तुलसी, गिलोय की चाय) या गुनगुने पानी का सेवन करें। पालक, पत्तागोभी और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों में नमी के कारण कीड़े और बैक्टीरिया होने की संभावना अधिक होती है। यदि इनका सेवन करना भी हो, तो इन्हें अच्छी तरह धोकर और उबालकर ही उपयोग में लाएं। मौसमी फल जैसे सेब, पपीता, नाशपाती और अनार को प्राथमिकता दें। अपनी डाइट में हल्दी, अदरक, लहसुन, नींबू और संतरा जैसे विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।

पर्सनल हाइजीन और त्वचा की देखभाल (Skincare)

नमी और उमस भरे वातावरण के कारण स्किन और बालों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है.....

त्वचा को सूखा रखें: 

बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदल लें और अपने शरीर को अच्छी तरह सुखा लें। नमी के देर तक बने रहने से फंगल इन्फेक्शन (दाद, खुजली) होने का खतरा बढ़ जाता है।

हल्के और हवादार कपड़े पहनें: 

सिंथेटिक कपड़ों की जगह कॉटन (सूती) या ढीले और हवादार कपड़े पहनें, जिससे पसीना सूखे और त्वचा सांस ले सके।

पैरों की खास देखभाल: 

बारिश के गंदे पानी में चलने से बचें। यदि पैर भीग जाएं, तो घर पहुंचते ही उन्हें एंटीसेप्टिक साबुन से धोकर अच्छी तरह पोंछ लें और मॉइश्चराइजर या एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें।

घर की साफ-सफाई और सुरक्षा

बीमारियों से दूर रहने के लिए घर का वातावरण भी स्वच्छ रखना बहुत जरूरी है:

जलभराव से बचें: 

घर के आसपास गमलों, कूलरों या टायरों में पानी जमा न होने दें। रुका हुआ पानी मच्छरों का प्रजनन स्थल बनता है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं।

मच्छर से बचाव के उपाय: 

सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और घर से बाहर निकलते समय या रात को ओमोडोस/मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम का इस्तेमाल करें।

घर को नमी मुक्त रखें: 

मानसून में घर के अंदर सीलन और नमी की दुर्गंध आने लगती है। कमरों में हवा का आवागमन बनाए रखें और दीवारों या कोनों को सूखा रखने का प्रयास करें।

इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप बारिश के मौसम का भरपूर लुत्फ उठा सकते हैं और खुद को तथा अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं।

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