Electronic Gadget Harm: बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर कोई इस इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का क...

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Electronic Gadget Harm: बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर कोई इस इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का करते हैं प्रयोग, जानिए नुकसान!

electronic gadget harm बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर कोई इस इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का करते हैं प्रयोग जानिए नुकसान

Electronic Gadget Harm: आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास ज्यादा टाइम नहीं रहता है, लोग इतने ज्यादा व्यस्त है कि कॉल पर बात करने के लिए फोन तक नहीं उठा पाते। इस डिजिटल दुनिया में छोटे से लेकर बड़ो तक सब आजकल कान में ईयरफोन लगाए रहते हैं। फोन निकालने की जगह तुरंत ब्लूटूथ के जरिए कॉल उठा लेते है। कई लोग सड़क पर रोड क्रास करते हुए भी ईयरफोन नहीं हटाते जिससे एक्सीडेंट की संभावना बढ़ जाती है। Read More: चूहे भगाने वाला सस्ता फल: सस्ता और आसानी से मिलने वाला ये फल हमेशा के लिए घर से भगा देगा चूहा! ईयरफोन जैसे रोजमर्रा की एक वस्तु बन गया है, चाहे मीटिंग लेनी हो, गाना सुनना हो, वीडियो देखना हो, या कॉल पर बात करनी हो हर कोई इसके आदी हो चुके हैं। क्या आप जानते हैं कि इस आदत का आपके कानों और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है? आइए जानते हैं...

Electronic Gadget Harm: झेलने पड़ सकते है नुकसान

ईयरफोन के ज्यादा इस्तेमाल करने से हियरिंग लॉस, कान में दर्द, इंफेक्शन, मानसिक समस्याएं, और टिनिटस जैसी कई परेशानियों को जन्म दे सकता है। लंबे समय तक और ऊंची आवाज में सुनना कानों की नसों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे बहरेपन का खतरा भी हो सकता है।

Electronic Gadget Harm: कान में हो सकता है इंफेक्शन

ईयरफोन गंदे होने पर बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण को जन्म दे सकते हैं। बार-बार बिना साफ किए हुए ईयरफोन का उपयोग करने से कान के बाहरी हिस्से (outer ear canal) में बैक्टीरिया इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे इंफेक्शन, पस, दर्द और सुनने में रुकावट की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, यदि आप किसी के साथ ईयरफोन शेयर करते हैं, तो इयर इंफेक्शन फैलने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

छा सकता है बहरापन

ईयरफोन के अधिक और तेज आवाज में गाना सुनने से सुनने की क्षमता की क्षमता कम हो जाती है। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति लगातार 85 डेसिबल या उससे अधिक ध्वनि में 8 घंटे से ज्यादा समय तक सुनता है, तो उसकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। तेज आवाज में लगातार ईयरफोन का इस्तेमाल कॉक्लिया (cochlea) नामक अंग को नुकसान पहुंचाता है, जो हमारे कान के अंदर होता है और ध्वनि को पहचानने का कार्य करता है। इससे धीरे-धीरे परमानेंट हियरिंग लॉस यानी स्थायी बहरेपन की स्थिति बन सकती है।

कान में असहनीय दर्द

कई बार लोग ईयरफोन को घंटों तक कानों में लगाए रहते हैं, जिससे कान के पर्दे (eardrum) पर दबाव बढ़ता है। इससे कानों में दर्द, जलन, खुजली और भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ईयरफोन कानों की बनावट के हिसाब से बिल्कुल फिट नहीं होते, जिससे लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर फिजिकल डिस्कम्फर्ट होता है। कुछ लोगों को इससे सिर दर्द और थकान भी महसूस होती है।
विशेषज्ञों की सलाह…
डॉक्टरों और ENT स्पेशलिस्ट का कहना है कि यदि आप दिनभर ईयरफोन का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे कम करना बहुत जरूरी है। बच्चों और किशोरों में यह आदत ज्यादा खतरनाक हो सकती है।
इस तरह से करे प्रयोग
1. ईयरफोन की जगह ओवर-इयर हेडफोन का इस्तेमाल करें। 2. लगातार उपयोग के दौरान ब्रेक लें। 3. नॉइज कैंसिलिंग ईयरफोन का उपयोग करें ताकि कम वॉल्यूम में भी साफ आवाज मिले। 4. हर 1 घंटे के बाद 10 मिनट का ब्रेक जरूर लें। 5. रात में सोते समय ईयरफोन का इस्तेमाल न करें। 6. काम करते समय ईयरफोन से बचें 7. माइंडफुल लिसनिंग करें, यानी पूरे ध्यान से सीमित समय के लिए सुनें  

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