भारत-चीन सीमा तनाव

भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा तनाव का कारण क्या है?

भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा तनाव के पीछे कई राजनीतिक और रणनीतिक कारण हैं। दोनों देशों की गतिरोध बढ़ते जा रही है, खासकर अरुणाचल प्रदेश पर।

भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा तनाव का कारण क्या है?

भारत-चीन सीमा तनाव

क्या भारत और चीन के बीच कभी तनाव पूरी तरह से खत्म हो पाएगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। क्योंकि आए दिन सीमा से टकराव की खबसे सामने आती रहती है। LAC पर करीब 6 सालों के बाद शांति का माहौल टूट गया है। भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव हुआ। भारत का रुख साफ है कि अगर बॉर्डर पर शांति नहीं है तो दोनों देशों के रिश्ते ठीक नहीं हो सकते। Brics समिट से पहले आखिर सीमा पर ये विवाद हो क्यों रहा है। चीनी सेनिक अंदर घुसने की कोशिश क्यों कर रहे है और अरुणाचल प्रदेश को लेकर दोनों देशों में इनती खींचतान क्यों हो रही है। 

LAC की पूरी तरह समझ नहीं

दरअसल, भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा का बड़ा हिस्सा अभी पूरी तरह निर्धारित नहीं है। दोनों देशों के बीच Line of Actual Control यानी LAC की पूरी तरह साझा समझ नहीं है। यही वजह है कि कई इलाकों में दोनों देशों की पेट्रोलिंग सीमा की अलग-अलग धारणा के आधार पर होती है और इसी दौरान आमना-सामना या फेसऑफ की स्थिति बन जाती है। 

अरुणाचल को लेकर झड़प

अब आते हैं अरुणाचल प्रदेश पर।

चीन अरुणाचल प्रदेश के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है और इसे दक्षिणी तिब्बत कहता है। भारत साफ कहता है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। यानी विवाद सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि दोनों देशों के रणनीतिक और राजनीतिक हितों से भी जुड़ा हुआ है। अरुणाचल की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यहां से भारत-चीन सीमा के कई संवेदनशील इलाके जुड़े हैं। भारत पिछले कुछ सालों में इस क्षेत्र में सड़क, पुल और दूसरी रणनीतिक कनेक्टिविटी को तेजी से मजबूत कर रहा है। वहीं चीन भी तिब्बत की तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर और सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है। इसलिए सीमा पर छोटी-सी पेट्रोलिंग गतिविधि भी बड़ी रणनीतिक चिंता बन जाती है।

27 जगहों के नाम बदले

भारत ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों के नाम बदल अपने आधिकारिक नक्शे में शामिल किया। इसके बाद चीन हमेशा की तरह बौखला गया और इसकी निंदा करता हुआ बयान जारी किया है। चीन का मानना है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है, हालांकि भारत ने इस दावे को हमेशा खारिज किया है और इसे बेबुनियाद बताया है।  

2020 में हिंसक झड़प

आपको याद होगा कि साल 2020 में लद्दाख क्षेत्र में LAC पर सैन्य गतिरोध और उसी साल जून में गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई। उसके बाद दोनों देशों के रिश्ते और ज्यादा बिगड़ गए।

संबंधित सामग्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी ने वाराणसी में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इसे भारत-जापान की मित्रता का प्रतीक बताया गया।

साय सरकार की बड़ी कार्रवाई, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट

साय सरकार की बड़ी कार्रवाई, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट

छत्तीसगढ़ शासन ने ओरिएंटल इंश्योरेंस को बीमा दावे में देरी के लिए तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया।

सिंगापुर में CM नायब सिंह सैनी की उद्योगपतियों से अहम मुलाकात, हरियाणा में निवेश का दिया न्योता

सिंगापुर में CM नायब सिंह सैनी की उद्योगपतियों से अहम मुलाकात, हरियाणा में निवेश का दिया न्योता

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात की और निवेश के लिए आमंत्रित किया।

PM मोदी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर बढ़ा राज्य, CM धामी ने दी बधाई

PM मोदी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर बढ़ा राज्य, CM धामी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तराखंड के CM धामी ने बधाई दी, उन्होंने विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति की सराहना की।

25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प- ‘We Will Do It’, बोले- विकसित भारत के लिए लगातार काम करता रहूंगा

25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प- ‘We Will Do It’, बोले- विकसित भारत के लिए लगातार काम करता रहूंगा

नरेंद्र मोदी ने अपने 25 साल के सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए विकसित भारत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि वह न थकेंगे और न रुकेंगे।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर