रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर बड़ा ड्रोन हमला कर वहां की एक महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है। हमले के बाद रिफाइनरी में भीषण आग लग गई, जिसके चलते पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया। इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से मॉस्को के चार प्रमुख हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ान संचालन भी रोकना पड़ा।
कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं के गुबार दिखाई दिए
रूसी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला पिछले चार वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान किए गए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है। यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जो राजधानी के केंद्र और क्रेमलिन से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हमले के बाद लगी आग इतनी भीषण थी कि कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं के गुबार दिखाई दिए।
ईंधन वितरण व्यवस्था में अहम भूमिका निभाती है
रूसी मीडिया में जारी तस्वीरों और वीडियो में रिफाइनरी परिसर से उठती आग की लपटें और आसमान में फैला धुआं साफ नजर आया। मॉस्को ऑयल रिफाइनरी रूस की सबसे बड़ी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तेल प्रसंस्करण इकाइयों में से एक मानी जाती है। यह देश की ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन वितरण व्यवस्था में अहम भूमिका निभाती है।
युद्ध के प्रभाव को पहुंचाना भी बताया जा रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन लगातार रूस की तेल और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाकर उसकी आर्थिक क्षमता को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। इन हमलों का उद्देश्य युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाले संसाधनों को प्रभावित करना और रूसी जनता तक युद्ध के प्रभाव को पहुंचाना भी बताया जा रहा है।
ड्रोन हमले के बाद मॉस्को के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं, रूस ने इस हमले को गंभीर उकसावे की कार्रवाई बताते हुए जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।