मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित श्री गुरु अर्जुन देव जी के 420वें शहीदी दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर पंचम पातशाह को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी का जीवन त्याग, सत्य, सेवा और आध्यात्मिक शक्ति का अनुपम उदाहरण है। उनका बलिदान हमें हर परिस्थिति में सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।
भाईचारे और समानता का संदेश भी दिया
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि भारत की संस्कृति और इतिहास संतों, गुरुओं और महापुरुषों के त्याग और तपस्या से समृद्ध हुआ है। जब-जब देश और धर्म पर संकट आया, तब-तब गुरुओं ने अपने प्राणों की आहुति देकर समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रसार ही नहीं किया, बल्कि मानवता, भाईचारे और समानता का संदेश भी दिया।
उन्होंने गुरु अर्जुन देव जी द्वारा श्री हरमंदिर साहिब की स्थापना और विभिन्न संतों एवं भक्तों की वाणी को संकलित कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के रूप में अमूल्य धरोहर प्रदान करने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक ग्रंथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब का शहीदी बलिदान यह संदेश देता है कि सत्य, संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
योगदान को शामिल किया गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश गुरुओं के योगदान को सम्मानपूर्वक याद कर रहा है। हरियाणा सरकार भी सिख गुरुओं की शिक्षाओं और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राज्य के स्कूलों में इतिहास पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं के जीवन और योगदान को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री हजूर साहिब नांदेड़ की विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेनों का संचालन भी किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से गुरु साहिब के आदर्शों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा, करुणा, सिमरन और मानव कल्याण की भावना ही समाज को मजबूत बनाती है।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से जाति-पाति और भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट, समरस और अखंड समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी का जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।