पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित विवादित वीडियो को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाया हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 48 घंटे के भीतर दूसरी बार सामने आकर अपनी सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब के बाहर स्थित दो स्वतंत्र फॉरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है।
सुनियोजित साजिश रच रहे हैं
भगवंत मान ने कहा कि कुछ लोग उनकी लोकप्रियता और जनहित के कार्यों से परेशान हैं तथा उन्हें बदनाम करने के लिए सुनियोजित साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और एक धर्मनिरपेक्ष सोच रखने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी आज उन पर आरोप लगा रही है, उसी के शासनकाल में अकाल तख्त साहिब पर हमला हुआ था।
लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने पंजाब के डीजीपी को वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति और इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह अकाल तख्त साहिब के प्रति पूरी श्रद्धा रखते हैं और हमेशा पंजाब के लोगों की सेवा करते रहेंगे।
वहीं, पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वीडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं है।
लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया
हरपाल सिंह चीमा के अनुसार जांच के दौरान वीडियो के 1191 फ्रेम का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट में चेहरे की बनावट, कद-काठी और शारीरिक संरचना के आधार पर स्पष्ट अंतर पाया गया। जांच में वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की लंबाई लगभग 5 फुट 10 इंच बताई गई, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान की लंबाई करीब 5 फुट 8 इंच है। सरकार का कहना है कि एडिटिंग और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है।