CM योगी कानपुर में प्राकृतिक खेती कार्यशाला में शामिल हुए। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कृषि उत्पादों के अलग-अलग स्टॉल का मुआयना किया। CM योगी ने कहा- लोगों ने खेती और पशुपालन से दूरी बनाकर शॉर्टकट का रास्ता अपनाया, जिसके दुष्परिणाम आज सामने आ रहे हैं।
गाय को कटने नहीं देंगे
CM योगी ने कहा बैलों का उपयोग करना बंद कर दिया। गाय का दूध पिएंगे और सड़कों पर छोड़ देंगे और वो फसल नुकसान पहुंचाएंगे तो गाली मुझे देंगे। गाय हमारी माता है, जन्म जन्मांतर का नाता है। गो माता को कभी कटने नहीं देंगे। भारत के अंदर जन्मा हर शख्स गो माता की पूजा करता है। कई उदाहरण आपके सामने हैं। सिख गुरुओं के इतिहास आपके सामने हैं। जब कोई आक्रांता गो हत्या करता था तो सिख वीरों ने वहीं पर उसका काम तमाम किया है। ये उस वक्त की बात है जब देश गुलाम था।
1500 रुपए प्रति महीने
2004 से 2014 के बीच में लाखों किसानों ने आत्महत्या की। 2014 के बाद रोक लगी। हमारी सरकार का संकल्प है कि गोवंश की तस्करी और उन्हें कटने नहीं देंगे। इसके लिए राज्य में 7700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी सहभागिता योजना के तहत किसानों को गोवंश पालन के लिए प्रति पशु 1500 रुपए हर महीने की सहायता दी जा रही है। CM योगी ने कहा- क्यों 2014 के पहले किसान आत्महत्या कर रहा था? क्योंकि लागत ज्यादा थी और उत्पादन कम होता था। इससे किसान को कम पैसा मिलता था।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
CM योगी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब किसान, व्यापारी, कारीगर और युवा सभी समृद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि भारत का विकास आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के रास्ते से ही संभव है। PM नरेंद्र मोदी के इथेनॉल, बायोगैस, CNG और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादन का भी आधार बन सकता है। CM योगी ने कृषि विज्ञान केंद्रों, एफपीओ और प्राकृतिक खेती आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बताते हुए किसानों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।