जापान ने भारतीय आमों के इंपोर्ट पर बैन लगा दिया। इस खबर में जानिए आखिर जापान ने ऐसा क्यों किया। हर साल भारत में आम के सीजन शुरू होने से पहले जापान की क्वारंटीन टीम भारत आती है। ये अधिकारी उन VHT यानी Vapour Heat Treatment की जांच करते हैं, जहां से जापान भेजे जाने वाले आमों को प्रोसेस किया जाता है।
सफाई व्यवस्था से जुड़ी कुछ कमियां
इस प्रोसेस में आमों को गर्म और नमी वाली हवा में रखा जाता है ताकि मक्खियों और दूसरे कीटों को खत्म किया जा सके। जापान को आम निर्यात करने के लिए यह प्रक्रिया बेहद जरूरी मानी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जब निरीक्षण किया गया तब जापानी अधिकारियों को वहां फ्यूमिगेशन और सफाई व्यवस्था से जुड़ी कुछ कमियां मिलीं। जापान की तरफ से दिए गए नोटिस में कहा गया कि जब तक जापानी अधिकारी संतुष्ट नहीं हो जाते कि वहां की ऑपरेशनल और निरीक्षण व्यवस्था में सुधार हुआ है. तब तक ये बैन रहेगा, इस फैसले से भारत के आम निर्यातकों और किसानों की चिंता बढ़ गई है।

पहले भी लगा बैन
फिलहाल यह साफ नहीं हुआ है कि मौजूदा आम निर्यात सीजन के दौरान यह समस्या हल हो पाएगी या नहीं। जापान के प्लांट प्रोटेक्शन स्टेशन और भारत की APEDA ने अब तक इस मामले में किसी बातचीत या सुधार प्रक्रिया की समयसीमा को लेकर जानकारी नहीं दी है।
बता दे जापान ने 1986 में भारतीय आमों पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि उसे फल मक्खियों के संक्रमण का खतरा था। करीब 20 साल बाद 23 जून 2006 को जापान ने यह प्रतिबंध हटा दिया। उस वक्त जापान के कृषि मंत्रालय और भारत में जापानी दूतावास ने इसे दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक बताया था। इसके बाद भारत से जापान को आम का इंपोर्ट फिर शुरू हो गया।