प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया, और कई समसामयिक विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों, गर्मी के मौसम में पारंपरिक पेय पदार्थों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरुकता जैसे मुद्दों को उठाया।
गर्मी से लड़ने का तरीका
PM मोदी ने कहा- हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार रसोई में भी मिलता है। आपने भी देखा होगा गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे घर की रसोई का स्वाद बदल जाता है। PM ने कार्यक्रम में इस वक्त देश के 2 चर्चित एथलीट की भी बात की। एक इवेंट जिसकी देशभर में बहुत चर्चा हो रही है, वह है 100 m की रेस। महज 2 दिनों के भीतर मेंस 100 मीटर रेस में नेशनल रिकॉर्ड 3 बार टूटा। जिन 2 एथलीट्स ने ये कमाल दिखाया है वे हैं- गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर।
कौन है गुरिंदरवीर?
बता दे गुरिंदरवीर सिंह ने 23 मई को रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित फेडरेशन कप सीनियर नेशनल एथलेटिक्स टूर्नामेंट की पुरुषों की 100 मीटर रेस 10.09 सेकेंड में पूरी की। वे देश के सबसे तेज धावक बने। गुरिंदरवीर सिंह ने अपने प्रतिद्वंद्वी अनिमेष कुजूर को पीछे छोड़ा। पहले यह रिकॉर्ड अनिमेष के नाम था। PM ने कहा बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू का शरबत, उसकी तो बात ही क्या है - पेट भी भरे, ताकत भी दे। कोंकण और गोवा में कोकम शरबत, सोल कढ़ी। दक्षिण भारत में पानकम, नीर मोर, सम्बारम और ओडिशा में बेल पना, वो सिर्फ पेय नहीं, देश के अलग-अलग क्षेत्रों की परंपरा का हिस्सा है।
ताम्र पट्टिकाओं का जिक्र
PM ने कहा बीते दिनों मुझे नीदरलैंड जाने का अवसर मिला। वहां एक विशेष समारोह में चोला काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस मिली। उस कार्यक्रम में नीदरलैंड के PM भी मौजूद थे। इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर मुझे देश-विदेश से लगातार मैसेज मिल रहे हैं। जिसकी लोग खुशी जता रहे हैं। इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा है। इनमें 21 बड़ी और 3 छोटी ताम्र पट्टिकाएं हैं। ये राजा राजेंद्र चोल-प्रथम द्वारा अपने पिता राजा राजराजा चोल के एक वचन को पूरा करने से जुड़ी हैं। इनमें आनइमंगलम् गांव को एक बौद्ध विहार को दान देने का उल्लेख मिलता है। इन ताम्र पट्टिकाओं में चोल वंश की उपलब्धियों का भी वर्णन मिला।