जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) Advanced 2026 के परिणाम घोषित होते ही राजस्थान के कोटा और सीकर में जश्न का माहौल बन गया। इस बार ऑल इंडिया टॉप-3 रैंक पर राजस्थान में पढ़ाई कर रहे छात्रों का कब्जा रहा। कोटा के शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की, जबकि कबीर छिल्लर दूसरे स्थान पर रहे। वहीं सीकर के जतिन कुमार चाहर ने तीसरी रैंक प्राप्त की।रिजल्ट घोषित होने के साथ ही कोटा की कोचिंग संस्थानों में ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी। छात्र और शिक्षक एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर सफलता का जश्न मनाते नजर आए।

लगातार तीसरे साल कोटा से निकला ऑल इंडिया टॉपर
कोटा ने एक बार फिर देश की कोचिंग राजधानी होने का दावा मजबूत किया है। लगातार तीसरे वर्ष यहां से JEE Advanced का ऑल इंडिया टॉपर सामने आया है। इस साल शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया।शुभम मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उनके पिता व्यवसायी हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, कॉन्सेप्ट आधारित तैयारी और परिवार के सहयोग को दिया।
सिर्फ एक अंक से दूसरे स्थान पर रहे कबीर
दिल्ली के रहने वाले कबीर छिल्लर ने 329 अंक हासिल कर ऑल इंडिया दूसरी रैंक प्राप्त की। वे सिर्फ एक अंक से शीर्ष स्थान से चूक गए। कबीर के पिता आईआईटी से पढ़े हुए हैं और निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता स्कूल शिक्षिका हैं।
सीकर के जतिन ने हासिल की तीसरी रैंक
झुंझुनूं जिले के गोठ गांव के रहने वाले जतिन कुमार चाहर ने 319 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया तीसरी रैंक हासिल की। जतिन ने कहा कि उनकी तैयारी का मुख्य फोकस कॉन्सेप्ट्स को गहराई से समझने पर रहा। उल्लेखनीय है कि शीर्ष तीनों छात्र एलन कोचिंग से जुड़े रहे हैं।
गर्ल्स कैटेगरी में भी कोटा की छात्रा अव्वल
गर्ल्स कैटेगरी में आरोही देशपांडे ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने 360 में से 280 अंक प्राप्त किए और उनकी कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) में 77वीं रैंक रही। आरोही ने भी कोटा में रहकर तैयारी की थी।
55 हजार से अधिक अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए क्वालिफाई
JEE Advanced 2026 के परिणाम के साथ करीब 55 हजार अभ्यर्थी देश के 23 IIT में बीटेक, इंटीग्रेटेड एमटेक और ड्यूल डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग हेतु पात्र घोषित किए गए हैं।
इस साल बढ़ी क्वालीफाइंग कटऑफ
पिछले वर्ष जहां क्वालीफाइंग कटऑफ 74 अंक थी, वहीं इस बार यह बढ़कर 92 अंक पहुंच गई है। परीक्षा में इस वर्ष किसी भी प्रश्न को बोनस नहीं दिया गया। केमिस्ट्री और मैथ्स के प्रश्नपत्रों में भी किसी प्रकार की त्रुटि नहीं पाई गई।