बहुचर्चित मामले में आरोपी समर्थ सिंह ने जबलपुर डिवीजन कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद समर्थ सिंह ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है और पूरे प्रदेश में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त किए जाने के बाद समर्थ सिंह पर कानूनी दबाव लगातार बढ़ रहा था। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद समर्थ सिंह ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए जबलपुर डिवीजन कोर्ट में पहुंचकर सरेंडर किया। अदालत परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी देखने को मिले।
पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी
इस मामले में पहले ही कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ चुके हैं। अदालत ने एम्स दिल्ली की विशेषज्ञ डॉक्टर टीम से नए सिरे से पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी है। एम्स की टीम भोपाल पहुंचकर जांच करेगी, जिससे मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि नई मेडिकल रिपोर्ट जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सख्त कार्रवाई की मांग
समर्थ सिंह के सरेंडर के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियां आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। वहीं पीड़ित पक्ष लगातार निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सरेंडर के बाद मामले की जांच और तेज हो सकती है। अदालत में पेशी के दौरान पुलिस रिमांड और पूछताछ को लेकर भी आगे अहम फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।