पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को अपने कैंप ऑफिस पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कथित छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पंजाब में आगामी चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं और अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तथा CBI का इस्तेमाल उनकी सरकार और उन्हें बदनाम करने के लिए किया जाएगा।
‘पंजाब में ED और CBI का गलत इस्तेमाल होगा’
भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में उन्हें और उनकी सरकार को निशाना बनाने की तैयारी कर रही है। मान ने आरोप लगाया कि उनके कैंप ऑफिस पर CBI ने रेड की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में पंजाब में ED और CBI का गलत इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि पंजाब सरकार और उन्हें बदनाम किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोगों से मिल रहे प्यार को देखकर भाजपा घबरा गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची पंजाब सरकार
मान का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर घुमन और अन्य से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंजाब के गृह विभाग के माध्यम से राज्य सरकार ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की है। यह याचिका डायरी नंबर 62464/2026 के तहत दर्ज है और फिलहाल लंबित है।
ED के पत्रों से शुरू हुआ मामला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक दिन पहले ED की ओर से पंजाब के DGP गौरव यादव को भेजे गए तीन पत्रों से जुड़े मामले को CBI को सौंपने का आदेश दिया था। अदालत ने CBI को मामला दर्ज करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया था।
ED ने अपने पत्रों में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर घुमन और उनके सहयोगी नितिन गोहल तथा बीर देविंदर प्रशासनिक तबादलों और पोस्टिंग के अलावा सरकारी टेंडरों में कथित रूप से हस्तक्षेप कर रहे थे। एजेंसी ने इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग की थी।
CBI को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश
ED के पत्रों के आधार पर पंजाब पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं किए जाने के बाद अधिवक्ता निखिल सराफ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की थी। याचिका में आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के साथ कथित मनी ट्रेल की जांच की भी मांग की गई थी।

हाईकोर्ट ने CBI को जांच के दौरान पंजाब सरकार और पुलिस से पूरा सहयोग लेने का निर्देश दिया। साथ ही राज्य सरकार और पुलिस को जांच एजेंसी को सभी जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा।
BJP ने भी साधा निशाना
इस बीच, पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए मान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा करने वाली सरकार की वास्तविकता अब सामने आ गई है।
ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार ने सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ED के तीन पत्रों के बावजूद पंजाब पुलिस ने FIR क्यों दर्ज नहीं की। भाजपा नेता ने CBI से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की उम्मीद जताते हुए पंजाब सरकार और पुलिस से जांच में पूरा सहयोग करने की मांग की।