भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मध्यप्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। इस बार प्रदेश कार्यसमिति में कुल 106 सदस्यों को शामिल किया गया है, जबकि 41 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। खास बात यह है कि इस बार भाजपा ने विशेष आमंत्रित सदस्यों की नियुक्ति नहीं की है।
महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई
नई कार्यसमिति में पार्टी के शीर्ष नेताओं और सरकार के प्रमुख मंत्रियों को स्थान दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को कार्यसमिति में शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
चेतन कश्यप और कृष्णा गौर शामिल
केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और सावित्री ठाकुर को भी प्रदेश कार्यसमिति में स्थान मिला है। वहीं राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों को भी नई टीम का हिस्सा बनाया गया है। इनमें कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल, राकेश सिंह, संपतिया उइके, विजय शाह, इंदर सिंह परमार, उदय प्रताप सिंह, तुलसीराम सिलावट, एदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, चेतन कश्यप और कृष्णा गौर शामिल हैं।
प्रदेश में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करेगी
भाजपा की यह नई कार्यसमिति संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से बनाई गई है। पार्टी नेतृत्व ने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों के प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई कार्यसमिति के गठन से प्रदेश संगठन को नई दिशा मिलेगी और आगामी चुनावों व संगठन विस्तार की रणनीति को मजबूती मिलेगी। कार्यसमिति के सदस्य संगठनात्मक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भाजपा नेतृत्व का दावा है कि नई टीम संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए प्रदेश में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करेगी।