मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अगस्त को विदिशा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के कार्यक्रम में बड़वानी से वुर्चअली सम्मिलित हुए। इस दौरान सीएम डॉ. यादव ने सबसे पहले कार्यक्रम में उपस्थित जैन मुनि श्री 105 तत्व सागर जी महाराज का अभिवादन करते हुए उनसे आर्शीवाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि बलराम महोत्सव का मुख्य उद्देश्य नवीन तकनीकों को अपना प्राकृतिक एवं जैविक खेती के माध्यम से कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाना है। इस वर्ष मनाए जा रहे कृषि महोत्सव में किसानों को परंपरागत खेती के साथ कृषि की नवीन तकनीकों से भी अवगत कराकर उन्हे अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है।
‘किसानों के हित में काम कर रही सरकार’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाकर अपनी धरती को उपजाऊ बनाएं। इस वर्ष मनाये जा रहे कृषि महोत्सव में किसानों को परंपरागत खेती के साथ कृषि की नवीन तकनीकों से भी अवगत कराकर उन्हें अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। रासायनिक खाद से हमारी धरती की उर्वरा शक्ति कम हो गई है, अतः किसान जैविक और प्राकृतिक खाद के माध्यम से मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि आज के समय में किसान सिर्फ फसल उगाकर सिर्फ अनाज का उत्पादन नहीं करे, बल्कि उसकी फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें। अनाज से ज्यादा मूल्य किसान को प्रोसेसिंग किए हुए उत्पाद से मिलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि प्रदेश की सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को फसल अल्पावधि ऋण की शर्तो में भी संशोधन किया गया है। अब किसानों के लिए 31 मार्च की ड्यू डेट हटा दी गई है। किसानों को अब सिंचाई के लिए रात्रि के समय नहीं दिन के समय ही बिजली दी जाएगी। कवच योजना के माध्यम से डिफाल्टर किसानों के ऋण खातों में सुधार किया जा रहा है।
ड्रोन दीदी से किया वर्चुअली संवाद
बलराम कृषि महोत्सव के वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदिशा जिले की ड्रोन दीदी प्रभा वर्मा से भी संवाद किया। इस दौरान प्रभा दीदी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि दीदीयों को ड्रोन चलाना सीखाकर उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है। अभी तक कुल खेतों में 1160 स्प्रे किये है, एक स्प्रे का वे 300 रुपये लेती है, अभी तक उन्होने 3 लाख रुपये से अधिक राशि कमाकर वे लखपति दीदी बन गई है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें शुभाकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाओं के पास हौसलों की कोई कमी नहीं है, उनकी उड़ान को सिर्फ पंख देने की आवश्यकता है, बाकी मंजिल तो वे स्वयं की प्राप्त कर लेती है।