प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण का खुलासा: बीमार-गरीबों को चमत्कार के नाम पर फं...

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प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण का खुलासा: बीमार-गरीबों को चमत्कार के नाम पर फंसाने का आरोप, पास्टर समेत 8 गिरफ्तार

प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण का खुलासा बीमार-गरीबों को चमत्कार के नाम पर फंसाने का आरोप पास्टर समेत 8 गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के बालोद में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण के गंभीर मामले का भंडाफोड़ हुआ है. प्रार्थना सभा के दौरान हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि यहां धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा है. मौके पर जाकर जांच के बाद पुलिस ने पास्टर संजीव सूर्यवंशी समेत 8 लोगों को हिरासत में लिया और एफआईआर दर्ज की.

बीमार और गरीब लोगों को चमत्कार का लालच

सभा में उपस्थित ग्रामीणों एवं गरीब-बीमार लोगों को चंगाई का चमत्कार दिखाकर निशाना बनाया जा रहा था. हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था, और उन्हें बीमारी से ठीक होने के नाम पर ईसाई धर्म अपनाने का लालच दिया जा रहा था. मौके पर ईसाई धार्मिक पुस्तकें और डायरी भी जब्त की गईं.

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prayer meeting religious conversion scam : हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया और पुलिस कार्रवाई

धर्मांतरण की खबर मिलते ही हिंदू संगठनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुंचकर सभा को रुकवाया. कई ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस ने पूछताछ के बाद आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है. इसी प्रकार, बालोद जिले में भी प्रार्थना सभा के दौरान पुलिस ने 22 लोगों को हिरासत में लिया तथा जांच जारी है.

परिवारों में अंदरुनी टकराव और शिकायतें

 भारतीय नगर क्षेत्र में एक महिला ने अपने ही पति पर जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया. महिला का कहना है कि उसका पति और सास उस पर ईसाई प्रार्थना करने के लिए दवाब डालते थे, और कई वर्षों से मानसिक प्रताड़ना करते थे. महिला ने पुलिस थाने जाकर शिकायत दर्ज करवाई है, जिस पर जांच जारी है.

समाज में तनाव और बढ़ती चिंता

हालिया घटनाओं के चलते बिलासपुर और आसपास के क्षेत्र में समाज में तनाव की स्थिति बन गई है. हिंदू संगठनों का कहना है कि यह आयोजन बीमार और गरीब लोगों को टारगेट कर उनकी सामाजिक एवं धार्मिक अस्थिरता का फायदा उठाते हैं. पुलिस पूरे मामले की जांच के साथ-साथ धर्मांतरण से जुड़ी अन्य सूचनाओं पर भी नजर बनाए हुए है.

बिलासपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई जिलों में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण के मामले ने प्रशासन और समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है. हिंदू संगठनों की सक्रियता और पुलिस के तेजी से कार्रवाई के बावजूद, बीमार-गरीब समुदाय को चमत्कार के नाम पर फंसाने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं.

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